सहयोग शिविर की 19 से होगी शुरुआत, दफ्तरों का चक्कर होगा खत्म
मुजफ्फरपुर में 19 मई से सहयोग शिविर शुरू होने जा रहे हैं। इससे लोगों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रखने का मौका मिलेगा। हर पंचायत में यह शिविर आयोजित होंगे, जिनमें विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। शिविर के माध्यम से शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाएगा।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। जिले में 19 मई से सहयोग शिविर की शुरुआत होगी। इससे लोगों का कार्यालयों का चक्कर खत्म होगा। उनकी समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई को लेकर हर पंचायत में सहयोग शिविर लगेगा। डीएम सुब्रत कुमार सेन ने इसको लेकर रविवार को निर्देश दिया।
सहयोग शिविर की शुरुआत
उन्होंने कहा कि आम लोगों को उनकी समस्याओं, शिकायतों और सुझावों को सीधे प्रशासन के समक्ष रखने और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से यह पहल की गई है। इसी कड़ी में जिले में 19 मई से प्रत्येक प्रखंड की चयनित पंचायतों में ‘सहयोग शिविर’ का आयोजन शुरू हो रहा है।
शिविर का आयोजन
हर माह के पहले और तीसरे मंगलवार को लगेगा शिविर
प्रत्येक माह के पहले और तीसरे तृतीय मंगलवार को पंचायत स्तर पर ‘सहयोग शिविर’ लगेगा। शिविरों का आयोजन पंचायत सरकार भवन या उसके निकट किसी सार्वजनिक स्थल पर होगा। शिविर स्थल पर लोगों के बैठने से लेकर अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे, जिनमें अपर समाहर्ता, राजस्व एवं भूमि सुधार उपसमाहर्ता तथा सीओ स्तर के अधिकारी प्रमुख रूप से शामिल होंगे। ये अपने न्यायालयों में लंबित एवं निष्पादित मामलों की सूची का प्रदर्शन भी करेंगे, ताकि गों को अपने मामलों की स्थिति की जानकारी मिल सके।
राजस्व मामलों का निपटारा
शिविर आयोजित होने से पहले राजस्व मामलों का कर लिया जाए निबटारा
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शिविर से पहले संबंधित पंचायत के सभी राजस्व मामलों का नियमानुसार निष्पादन कर लिया जाए, ताकि शिविर में लंबित मामलों की संख्या न्यूनतम हो और लोगों को तत्काल राहत मिल सके। शिविर को लेकर प्रचार-प्रसार का निर्देश सभी बीडीओ को दिया गया है। डीएम ने कहा कि विशेष व्यवस्था के तहत शिविर आयोजित होने से 30 दिन पूर्व ही आवेदन पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। बीडीओ को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
शिकायतों का पंजीकरण
हर दिन पोर्टल पर अपलोड होंगी शिकायतें
शिविर में प्राप्त सभी शिकायतों और आवेदनों का पंजीकरण होगा। इसके लिए पंचायत के कार्यपालक सहायक को प्राधिकृत किया गया है, जो प्रत्येक आवेदन की प्राप्ति रसीद जारी करेंगे और निर्धारित प्रपत्र में उसका विवरण दर्ज करेंगे। साथ ही सभी आवेदनों को पोर्टल पर प्रतिदिन अपलोड करेंगे।


