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बाबा गरीबनाथ मंदिर के फूलों से अगरबत्ती बनाएगा नगर निगम

बाबा गरीबनाथ मंदिर के फूलों से अगरबत्ती बनाएगा नगर निगम

संक्षेप:

मुजफ्फरपुर में बाबा गरीबनाथ मंदिर में चढ़ाए गए फूलों से अगरबत्ती बनाने का कार्य शुरू होगा। उज्जैन नगर निगम से ट्रेनिंग के बाद निगमकर्मी मंदिरों के फूलों का संग्रह करके अगरबत्ती बनाएंगे। ये अगरबत्तियाँ बाजार में बेची जाएँगी, जिससे जनहित के कार्यों के लिए आमदनी होगी।

Dec 04, 2025 05:29 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। बाबा गरीबनाथ मंदिर में चढ़ाए गए फूलों से सुगंधित अगरबत्ती बनेगी। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन की तर्ज पर मुजफ्फरपुर निगम यह काम करेगा। इसको लेकर उज्जैन नगर निगम से बातचीत हो चुकी है। इसी माह निगमकर्मियों की टीम को ट्रेनिंग के लिए उज्जैन भेजने की तैयारी है। टीम में महिला कर्मी भी होंगी। उज्जैन नगर निगम काफी पहले से फूलों से अगरबत्ती बना रहा है। वहां से प्रशिक्षित होकर टीम के लौटने पर निगम बाबा गरीबनाथ मंदिर व अन्य प्रमुख मंदिरों के प्रबंधन से बात कर काम शुरू करेगा। बाबा गरीबनाथ मंदिर या अन्य धार्मिक स्थलों पर चढ़ाए जाने वाले फूलों के संग्रह व उठाव से लेकर बाद में अगरबत्ती बनाने तक का काम निगमकर्मी संभालेंगे।

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अगले साल के आरंभिक महीनों में अगरबत्ती बनाने का काम शुरू होगा। बाजार में बिकेगी अगरबत्ती, आमदनी से होंगे जनहित के काम बाबा गरीबनाथ धाम या अन्य मंदिरों के फूल से बनी अगरबत्ती को बाजार में उतारा जाएगा। सालभर अगरबत्ती की मांग रहती है। खासकर दुर्गा पूजा, दीपावली, महापर्व छठ, विश्वकर्मा पूजा या अन्य पर्व के मौके पर मांग काफी बढ़ जाती है। अगरबत्ती से होने वाली आमदनी से जनहित से लेकर अन्य विकास कार्य भी हो सकेंगे। फिलहाल नहीं है स्थायी इंतजाम बाबा गरीबनाथ मंदिर में रोज सैकड़ों श्रद्धालु फूल, बेलपत्र आदि चढ़ाते हैं। श्रावणी मेला यानी सावन में श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में होती है। हालांकि, इसके निष्पादन का स्थायी इंतजाम नहीं है। अमूमन मंदिर से फूलों को उठाने के बाद दादर इलाके में न्यास की जमीन पर डंप कर दिया जाता है। विशेषकर सावन में अधिक फूल या बेलपत्र होने पर पूसा कृषि विश्वविद्यालय में भेजा जाता है। वहां इससे जैविक खाद बनाई जाती है।