
मेडिकल जांच के बाद मशीन से काटा जाएगा बकरा
मुजफ्फरपुर में अगले साल से हाईजेनिक मटन विक्रय केंद्र खोले जाएंगे। बकरों की मेडिकल जांच होगी और फिर मशीन से काटा जाएगा। केंद्रों में डीप फ्रीजर, वॉश बेसिन, और सीसीटीवी कैमरे होंगे। एक केंद्र पर 12 लाख रुपये खर्च होंगे, जिसमें सरकार 6 लाख रुपये अनुदान देगी।
मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। पहले बकरे की मेडिकल जांच होगी। फिर उसे मशीन से काटा जाएगा। इसके बाद मटन की बिक्री होगी। दिल्ली की तर्ज पर शहर में हाईजेनिक मटन विक्रय केंद्र खुलेंगे। अगले साल इसकी शुरुआत होगी। इसकी तैयारी पशु व मत्स्य संसाधन विभाग ने शुरू कर दी है। कियोस्क की तरह मटन विक्रय केंद्र होंगे। उसमें मटन के भंडारण के लिए डीप फ्रीजर की व्यवस्था होगी। वॉश बेसिन, ड्रेनेज, कचरा निस्तारण, वजन मापने वाली मशीन, बिलिंग मशीन से लेकर साफ-सफाई तक के पुख्ता इंतजाम होंगे। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। इसके संचालन के लिए पशुपालन निदेशालय के स्तर से एजेंसी का चयन किया जाएगा।
चयनित एजेंसी की ओर से मटन विक्रय केंद्र खोलने के लिए जमीन-दुकान (कियोस्क) से लेकर आधुनिक बूचड़खाना तक की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही उसका मेंटेनेंस भी करेगी। वहीं, पूरे शहर में विक्रय केंद्रों पर एक समान दर पर मटन की बिक्री होगी। इन केंद्रों पर स्टॉक, विक्री से लेकर व्यवस्था तक के निरीक्षण की जिम्मेवारी जिला पशुपालन पदाधिकारी की होगी। एक केंद्र पर 12 लाख खर्च, छह लाख अनुदान देगी सरकार एक विक्रय केंद्र खोलने पर 12 लाख रुपये का खर्च आएगा। इसमें 50 प्रतिशत अनुदान सरकार देगी। यानी लाभुक को सरकार की ओर से छह लाख रुपये तक मिलेंगे और शेष खर्च लाभुकों को खुद ही करना होगा। विक्रय केंद्र के कर्मियों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण हाईजेनिक मटन विक्रय केंद्र पर काम करने वाले कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें पशु वध, मीट सुरक्षा प्रसंस्करण, खाद्य सुरक्षा मानक, मार्केटिंग व अन्य तकनीकी पहलुओं के साथ ही डिजिटल लेन-देन से जुड़े गुर भी सिखाए जाएंगे। फाइलों में दबी मछली बाजार खोलने की योजना : शहर में मछली बाजार खोलने का प्रोजेक्ट दो साल से फाइलों में ही बंद है। पिछले साल जिला मत्स्य संसाधन विभाग ने निगम के साथ मिलकर स्थल सर्वेक्षण भी किया था। तीन स्थनों पर मछली बाजार को लेकर जगह भी चिह्नित किए गए थे। हालांकि, अब तक धरातल पर कोई पहल होते नहीं दिख रही है। बयान ::: पटना से मटन कियोस्क शुरू होने के बाद अगले चरण में मुजफ्फरपुर में इसे खुलेगा। पशुपालन विभाग के डॉक्टर की जांच में फिट बकरों को मशीन से काटा जाएगा। स्टॉक को उसी दिन खत्म करने का प्रावधान होगा। इसकी भी चेक होगी। बिक्री का रेट फिक्स होने से बकरी पालन से जुड़े लोगों को भी फायदा होगा। उन्हें सही दर मिल सकेगा। - डॉ. मनोज मेहता, जिला पशुपालन पदाधिकारी

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