बिहार के वृहद आश्रय गृह से 4 बच्चों के नेपाल भागने का शक, पुलिस ने तेज की जांच
मुजफ्फरपुर में नरौली स्थित वृहद आश्रय गृह से भागे 10 में से छह बच्चे समस्तीपुर इलाके से मिले हैं। चार बच्चों की तलाश जारी है, जिनमें एक नेपाल का बच्चा भी शामिल है। आशंका है कि वह नेपाल भाग गया है। बच्चों के अभिभावकों से संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है।

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में मुशहरी के नरौली स्थित वृहद आश्रय गृह से भागे 10 में से छह बच्चे समस्तीपुर इलाके से मिले। अब लापता चार बच्चों की तलाश के लिए पुलिस टीम छापेमारी में जुटी है। नेपाल का रहने वाला बच्चा भी अभी तक नहीं मिला है। उसके नेपाल बॉर्डर क्रॉस कर जाने की आशंका है। उसके साथ ही तीन अन्य बच्चों के भी नेपाल भागने की आशंका है। इस तरह नेपाल के बच्चे के अभिभावक से पुलिस संपर्क करने का प्रयास कर रही है।
पुलिस कार्रवाई
सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक अभिषेक कुमार ने बताया कि लंबे समय से आश्रय गृह के खराब सीसीटीवी कैमरों को बच्चों के भागने के दो दिन बाद बुधवार को ठीक करा लिया गया। अब गृह के सभी कोने की सीसीटीवी से निगरानी की जा सकती है। दो-दो साल से बच्चों के गृह में होने के औचित्य पर सहायक निदेशक ने बताया कि सीडब्ल्यूसी के आदेश से बच्चे गृह में आते हैं और पुन: आदेश मिलने पर ही अभिभावकों को सौंपे जाते हैं। असत्यापित बच्चों के नाम-पता के सत्यापन या अभिभावकों का सुराग लगाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में सहायक निदेशक कुछ भी नहीं बता पाए।
12-15 साल के हैं बच्चे
आश्रय गृह से भागने वाले चार मूक-बधिरों में एक 15 वर्षीय बच्चा 30 मई 2024, दूसरा 15 वर्षीय बच्चा 19 जुलाई 2024, तीसरा 10 वर्षीय बच्चा 26 अप्रैल 2025 और चौथा 12 वर्षीय बच्चा दो फरवरी 2026 से गृह में रह रहे थे। लंबे समय से रह रहे सभी मूक-बधिर बच्चों के अभिभावक और पते का सत्यापन नहीं हो सका। नेपाल के वीरगंज का बच्चा आठ जून 2025 से आश्रय गृह में रह रहा था।
नेपाल से मिलने आए थे अभिभावक
सूत्रों का कहना है कि नेपाल से उसके अभिभावक भी कई बार मिलने आ चुके थे। सीतामढ़ी जिले का लापता बच्चा दो फरवरी 2026 से आश्रय गृह में था। इसके भी अभिभावक का पूरा नाम-पता पूर्व से उपलब्ध है। बताया गया कि गृह में इसी तरह 46 बच्चे आवासित थे। इसमें अधिकांश के लंबे समय से होने की बात बताई जा रही है।
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