
डेढ़ लाख बच्चों की पहचान पर संकट, मुजफ्फरपुर के सरकारी स्कूलों में मचा हड़कंप
संक्षेप: मुजफ्फरपुर में सरकारी स्कूलों के डेढ़ लाख बच्चों की पहचान संकट में है। आधार कार्ड से लेकर नामों तक में गड़बड़ी की शिकायतें मिली हैं। यू डायस के डाटा में 200-300 बच्चों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई गई...
जिले में सरकारी स्कूल के डेढ़ लाख बच्चों की पहचान पर संकट है। इन बच्चों के नाम से लेकर आधार तक में कई तरह की गड़बड़ी मिली है। जांच में यह मामला सामने आया है। एक-एक स्कूल में 200 से 300 तक ऐसे बच्चे हैं। यू डायस के डाटा में इस तरह की गड़बड़ी मिली है। यू डायस में बच्चों के प्रोफाइल को अपडेट करना था। उनके आधार कार्ड के साथ ही उनका अगली कक्षा में प्रमोशन, माता पिता का नाम, पता सभी अपडेट करने का निर्देश दिया गया था। इस अपडेशन में कई तरह की गड़बड़ी सामने आ रही है।
इन गड़बड़ियों से स्कूलों में बच्चों की संख्या में फर्जीवाड़ा भी सामने आ रहा है। बच्चों के प्रोफाइल अपडेट करने को लेकर तीन महीने से प्रक्रिया चल रही है। विभाग ने जवाब मांगा है कि इतना समय मिलने के बाद भी बच्चों का रिकार्ड दुरूस्त नहीं होना बताता है कि ये बच्चे फर्जी तो नहीं हैं। जिन बच्चों के नाम, आधार कार्ड आदि में गड़बड़ी मिली है, उनका नाम रिकार्ड से हटा दिया जाएगा। ऐसे में सही बच्चे भी विभाग के रिकार्ड से हट जाएंगे।
अपग्रेड मिडिल स्कूल सुंदर कौली में 462 बच्चे नामांकित हैं। इसमें 408 बच्चों के रिकार्ड में गड़बड़ी है और अबतक वह पेडिंग में ही दिख रहा है। इसी तरह औराई के अपग्रेड मिडिल स्कूल महेशवाड़ा में 457 में 351 बच्चों का डाटा अबतक पेंडिंग है। अपग्रेड मिडिल स्कूल बिस्ठा में 361 में 306 बच्चों का पेंडिंग है। दर्जनों स्कूलों में ऐसे बच्चों की संख्या 100 से अधिक है। जिन बच्चों को नामांकन के बावजूद नए स्कूल में इंपोर्ट नहीं किया गया है, वे न पहले वाले स्कूल में हैं और न ही नए वाले स्कूल के डाटा में हैं। ऐसे में विभाग के रिकार्ड में ये बच्चे गायब हैं।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




