
सड़कों व पुल-पुलिया की देनी होगी मासिक सेहत रिपोर्ट
मुजफ्फरपुर में ग्रामीण कार्य विभाग ने सड़कों की सेहत को सुधारने के लिए कदम उठाए हैं। विभागीय इंजीनियरों को हर महीने 20 सड़कों और पुलों की रिपोर्ट देनी होगी। जर्जर सड़कों की शिकायतें बढ़ रही हैं, और...
मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। ग्रामीण सड़कों की सेहत दुरुस्त रखने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। विभागीय इंजीनियरों को टास्क दिया है। हर माह ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियरों को अपने क्षेत्राधिकार की 20 सड़कें व पुल-पुलियों की सेहत की जानकारी विभाग को देनी होगी। इसकी मॉनिटरिंग का जिम्मा जिले के कार्यपालय अभियंताओं को दिया गया है। इसमें कोताही करने पर इंजीनियरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। दंडित भी किया जाएगा। ग्रामीण कार्य विभाग को जर्जर सड़क की लगातार शिकायत मिल रही थी। लोगों की शिकायत यह भी थी कि सड़क तो बनी, लेकिन छह माह के अंदर टूटने भी लगी।

अधिकांश नवनिर्मित सड़कों के टूटने के बाद मरम्मती भी संवेदकों की ओर से नहीं कराये जाने की शिकायत मिल रही थी। इसके बाद विभाग के अपर मुख्य सचिप दीपक कुमार सिंह ने इसकी सेहत की रिपोर्ट कार्यापालक अभियंता को देने को कहा है। साथ ही उन्होंने तय कर दिया है कि हर माह 20 सड़कों का रिपोर्ट कार्ड उन्हें चाहिए। सड़क कैसी है, कब बनी और वर्तमान में उसकी स्थिति कैसी है? कितने किलोमीटर में अच्छा है और कितने में टूटा है या गड्ढा आदि है? इंजीनियरों को यह माहवार रिपोर्ट कार्ड विभागीय पोर्टल पर जीआई टैगिंग के साथ फोटो अपलोड करना होगा। इसमें कोताही पकड़े जाने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जिले के एक हजार से अधिक सड़कें जर्जर जानकारी हो कि जिले के तमाम प्रखंडों में ग्रामीण कार्य विभाग के अधीन करीब आने वाली एक हजार से अधिक सड़कें जर्जर हैं। इनमें 60 प्रतिशित से अधिक सड़क की मरम्मत के लिए टेंडर आवंटित हो चुका है। लेकिन, अबतक सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। इससे आवागम में राहगीरों को कई स्तर पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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