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पुल निर्माण निगम ने रामदयालु ओवरब्रिज निर्माण से खड़े किये हाथ

पुल निर्माण निगम ने रामदयालु ओवरब्रिज निर्माण से खड़े किये हाथ

संक्षेप: मुजफ्फरपुर के रामदयालु नगर रेलवे गुमटी पर आरओबी के निर्माण में देरी हो रही है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने टेंडर प्रक्रिया के बाद हाथ खड़े कर लिए हैं। फोरलेन के निर्माण के चलते नया आरओबी और अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना का लक्ष्य फरवरी 2026 है।

Sun, 16 Nov 2025 01:41 AMNewswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। रामदयालु नगर रेलवे गुमटी पर आरओबी निर्माण में और समय लगेगा। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने टेंडर प्रक्रिया के बाद हाथ खड़े कर लिये हैं। बताया जा रहा है कि मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेन के निर्माण की वजह से मामला अटक गया है। अब इसका नये सिरे से निर्माण होगा। रामदयालु नगर ओवर ब्रिज को तोड़कर नया फोरलेन ब्रिज का निर्माण होगा। वहीं रेलवे गुमटी पर एलएचएस (लॉ हाईट सब-वे) यानी अंडरपास का निर्माण होगा। अब नये प्रोजेक्ट में नये आरओबी में सिर्फ एक ही आर्म होगा, जो अघोरिया बाजार-हाजीपुर एनएच में जाकर मिलेगा। हालांकि, एनएचएआइ आरओबी निर्माण को लेकर निजी एजेंसी से सर्वे करा रही है।

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सोमवार तक एजेंसी आरओबी का नया डिजाइन व डीपीआर तैयार करेगी। इसके बाद मुजफ्फपुर-बरौनी फोरलेन प्रोजेक्ट में इसे शामिल कर दिसंबर माह में निर्माण के लिए नये सिरे से टेंडर जारी करेगी। जिसके निर्माण शुरू करने का लक्ष्य फरवरी 2026 रखा गया है। एनएचएआइ ने इसका प्राक्कलन तैयार कर लिया है। इस फोरलेन के निर्माण पर करीब तीन हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी। अब इस परियोजना में रामदयालू आरओबी का निर्माण भी जुड़ गया है। यह प्रोजेक्ट करीब तीन हजार करोड़ से अधिक का होगा। रेलवे से एनएचएआई को लेना होगा एनओसी : बताया जाता है कि रेलवे गुमटी पर आरओबी व अंडरपास निर्माण को लेकर अब एनएचएआइ को रेलवे से फिर से एनओसी लेना होगा। इससे पहले बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने एनओसी लिया था। मालूम हो कि, जुलाई 2024 में ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस आरओबी के निर्माण के लिए आधारशिला रखी थी। नहीं मिला था एनएचएआई से एनओसी : पूर्व में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने एक अरब 87 करोड़ रुपये में इसके निर्माण का प्राक्कलन तैयार किया था और टेंडर भी कर दिया था। लेकिन एनएचएआइ से एनओसी नहीं मिला सका था। अब मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेन के निर्माण को लेकर पहले से एनएचएआई प्रोजेक्टर पर काम कर रही है। अगर एनओसी पुल निर्माण निगम को दिया जाता तो फिर एनएचएआई को डिजाइन समेत डीपीआर में भी बदलाव करना पड़ता।