मुखिया बताएंगे कहां हो रहा टेलीमेडिसिन से इलाज
मुजफ्फरपुर में पंचायत के मुखिया अब टेलीमेडिसिन के बारे में लोगों को जानकारी देंगे। स्वास्थ्य विभाग ने पंचायत प्रतिनिधियों को इस पहल में शामिल करने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य दूरदराज के मरीजों को लाभ पहुंचाना है। निजी अस्पतालों में टीकाकरण और प्रसव पूर्व जांच की निगरानी भी की जाएगी।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। पंचायत के मुखिया अब लोगों को टेलीमेडिसिन के बारे में बताएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने इसका निर्देश जारी किया है। टेलीमेडिसिन के प्रति जारूकता और प्रचार-प्रसार के लिए यह पहल की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सभी पंचायती राज अधिकारियों को इस संबंध में पत्र लिखा गया है। टेलीमेडिसिन की संख्या शत प्रतिशत करने के लिए विभाग अब पंचायत प्रतिनिधियों को भी इस योजना में शामिल कर रहा है। क्षेत्रीय अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ अजय कुमार का कहना है कि इस पहल से दूरदराज के मरीजों को काफी फायदा होगा। कई जिलों में टेलीमेडिसिन का आंकड़ा कम मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में टेलीमेडिसिन से इलाज का आंकड़ा कम है।
पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में भी यह बात सामने आई है। टेलीमेडिसिन का आंकड़ा बढ़ाने का राज्य स्वास्थ्य विभाग और जिला स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कई बार प्रभारियों को पत्र भी जारी किया है, इसके बाद भी शत प्रतिशत टेलीमेडिसिन का लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है। उपस्वास्थ्य केंद्र और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टेलीमेडिसिन की सुविधा चल रही है। गांव में चौपाल लगाकर देंगे जानकारी मुखिया और पंचायत प्रतिनिधि गांवों में चौपाल लगाकर टेलीमेडिसिन के बारे में लोगों को जानकारी देंगे। पंचायत प्रतिनिधि टेलीमेडिसिन के तहत किन-किन बीमारियों के इलाज में डॉक्टरों से बात की जा सकती है, इसके बारे में लोगों को बताएंगे। साथ में टेलीमेडिसिन की सुविधा सुबह कितने बजे से शुरू होती है, चौपाल में लोगों को इसकी जानकारी देंगे। निजी अस्पतालों में टीकाकरण व प्रसव पूर्व जांच की होगी निगरानी निजी अस्पतालों में टीकाकरण और प्रसव पूर्व होने वाली जांच की स्वास्थ्य विभाग निगरानी करेगा। इसका निर्देश सभी जिलों के सीएस को दिया गया है। सभी निजी अस्पतालों को हर महीने यह रिपोर्ट देनी होगी कि उनके यहां एक महीने में कितने बच्चों को नियमित टीकाकरण के तहत टीके लगाए गए और कितनी गर्भवतियों की प्रसव से पहले होने वाली सारी जांच की गई। सभी जिलों से अस्पतालों को भेजा जाएगा पत्र स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के बाद सभी जिलों से निजी अस्पतालों को हर महीने रिपोर्ट देने का पत्र भेजा जाएगा। यह रिपोर्ट जिला स्वास्थ्य विभाग को जाएगी और उसके बाद सभी जिलों से पूरी रिपोर्ट राज्य स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएगी। राज्य स्वास्थ्य विभाग इसके बाद रिपोर्ट बनाएगा कि जिलों में निजी अस्पताल कितना टीकाकरण और प्रसव पूर्व जांच कर रहे हैं।
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