खबड़ा में पुल के पास बनेगा शहर का चौथा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
मुजफ्फरपुर के खबड़ा में फरदो नाले के पास सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण होगा। यह नमामी गंगे प्रोजेक्ट के तहत 72 करोड़ की लागत से बनेगा। एसटीपी की क्षमता 16 एमएलडी होगी, जिससे नाले के गंदे पानी को साफ कर फरदो नदी में बहाया जाएगा। निर्माण के लिए एजेंसी का चयन जल्द होगा।

मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। खबड़ा में पुल के पास सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनेगा। बुडको ने फरदो नाले के इस आखिरी प्वाइंट के पास स्थल चयन किया गया है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय की पहल पर नमामी गंगे के 72 करोड़ करोड़ के प्रोजेक्ट के तहत एसटीपी का निर्माण होगा। इसमें शहर के सबसे बड़े फरदो नाले के पानी की सफाई होगी। कल्याणी चौक से शुरू होकर खबड़ा में फरदो तक जाने वाले इस नाले की लंबाई 6.267 किमी और चौड़ाई 20 फीट तक है। प्लांट की क्षमता 16 एमएलडी यानी रोज 1.60 करोड़ लीटर पानी को साफ करने की होगी। एसटीपी से जुड़ा एक मेन पंपिग स्टेशन (एमपीएस) भी बनेगा।
यह नाले के अंतिम हिस्से में होगा। एमपीएस के जरिए नाले के पानी को पंपिंग कर एसटीपी के हौज में भेजा जाएगा। इसके निर्माण की जिम्मेवारी बुडको को दी गई है। एसटीपी बनने से शहर के बड़े हिस्से को जलजमाव से मुक्ति मिलेगी। साथ ही नाले के गंदा पानी को साफ कर फरदो नदी में बहाने से नदी का भी कायाकल्प होगा। निर्माण को लेकर जल्द होगा एजेंसी का चयन एसटीपी निर्माण के लिए एजेंसी का चयन जल्द होगा। टेंडर की प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं। एसटीपी होने पर सिंचाई के लिए प्लांट में साफ होने वाले पानी के इस्तेमाल का भी विकल्प उपलब्ध होगा। वर्तमान में खबड़ा इलाके में कुछ जगहों पर नाले के पानी से आसपास के खेतों में सिंचाई की जाती है। पूर्व में खबड़ा में एसटीपी का हो चुका है विरोध पूर्व में खबड़ा में एसटीपी निर्माण को लेकर ग्रामीणों का विरोध हो चुका है। इसके चलते अमृत योजना के तहत तीन में से एक एसटीपी का निर्माण नहीं हो सका। दूसरी जगह पर जमीन नहीं मिलने पर आखिरकार तीसरे एसटीपी का प्रोजेक्ट रद्द करना पड़ा। हालांकि, बुडको के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अगर कोई समस्या हुई तो नाले की जमीन पर भी निर्माण हो सकता है। 24 घंटे में चार एसटीपी में साफ होगा 5.60 करोड़ लीटर गंदा पानी तीन अलग-अलग परियोजनाओं (अमृत, स्मार्ट सिटी व नमामी गंगे) के तहत चार एसटीपी का निर्माण होने पर रोज शहर के नाले का 5.60 करोड़ लीटर गंदा पानी साफ हो सकेगा। इनमें स्मार्ट सिटी का एसटीपी बन चुका है पर घरों के सीवरेज कनेक्शन का काम पूरा नहीं होने से चालू होने में देरी हो रही है। अमृत योजना के तहत दिघरा व मणिका मन में दो एसीटीपी निर्माणाधीन हैं। अब नमामी गंगे के अंतर्गत एक और एसटीपी के प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने की तैयारी है।
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