
शहर अब भी अंधेरे में! चार हजार स्ट्रीट लाइटों में से लगीं सिर्फ 265
मुजफ्फरपुर में नगर निगम क्षेत्र के 49 वार्डों में चार हजार स्ट्रीट लाइट की आवश्यकता है। दीपोत्सव पर केवल 265 लाइटें लगाई गई हैं, जिससे शहर का एक चौथाई हिस्सा अंधेरे में रहेगा। स्ट्रीट लाइट की खरीदारी...
मुजफ्फरपुर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत 49 वार्डों में करीब चार हजार स्ट्रीट लाइट की जरूरत है। हालांकि, दीपोत्सव के मौके पर महज 265 लाइटों को लगा कर खानापूर्ति की जा रही है। हर वार्ड में पांच-पांच नई स्ट्रीट लाइटें मुहैया कराई गई हैं, यानी इस बार भी दीपावली में शहर का एक चौथाई हिस्सा अंधेरे में डूबा रहेगा। इनमें प्रमुख रोड व व्यावसायिक क्षेत्र से लेकर रिहायशी इलाकों की गलियां तक शामिल हैं। शहर की अहम सड़कों में शामिल 4.5 किलोमीटर लंबे स्पाइनल रोड में बैरिया गोलंबर, ब्रह्मपुरा, इमलीचट्टी से जूरन छपरा तक स्ट्रीट लाइट नहीं है।

दो साल से अधिक समय से स्ट्रीट लाइट की खरीदारी का मामला विभाग के स्तर पर अटका हुआ है। पूर्व में नगर विकास एवं आवास विभाग ने नगर निकायों के स्तर पर हो रहे स्ट्रीट लाइट की खरीदारी के रेट में भिन्नता पाए जाने के बाद इस पर रोक लगा दी थी। उसके बाद से ही स्ट्रीट लाइट की खरीदारी का मामला फाइलों में बंद है। नतीजतन त्योहार को देखते हुए विशेष फंड से लाइट की व्यवस्था करनी पड़ी है। इससे जुड़े प्रस्ताव को निगम बोर्ड ने पहले ही पास कर दिया था।
120 के बदले 70 वाट की लाइट मिलने पर पार्षदों ने उठाए सवाल
वार्ड स्तर पर 70 वाट की एलईडी लाइट लगाई जा रही हैं। इस पर कई पार्षदों ने सवाल उठाया है। एक वार्ड पार्षद के मुताबिक 120 वाट के बदले 70 वाट की लाइट लगाना उचित नहीं है। भविष्य में इस मामले को निगम बोर्ड की बैठक में उठाया जाएगा। वर्तमान में शहर में करीब 18 हजार स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। इनमें निजी एजेंसी ने 14 हजार लाइटें लगाई थीं।

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