सरैया में पत्नी की गला रेतकर हत्या में आरोपित पति बरी

May 07, 2026 01:05 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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मुजफ्फरपुर के सरैया थाने के विशनपुर आनंद गांव में 2018 में संगीता देवी की हत्या के आरोपित नंदकिशोर राम को पर्याप्त साक्ष्य की कमी के चलते बरी कर दिया गया। वह पिछले आठ वर्षों से जेल में बंद था। अभियोजन पक्ष के गवाहों ने गवाही देने से इनकार कर दिया। नंदकिशोर की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी।

सरैया में पत्नी की गला रेतकर हत्या में आरोपित पति बरी

मुजफ्फरपुर, हिप्र। सरैया थाने के विशनपुर आनंद गांव में 2018 में संगीता देवी की तेज हथियार से गला रेतकर हत्या करने के आरोपित पति नंदकिशोर राम के खिलाफ अभियोजन पक्ष पर्याप्त साक्ष्य पेश करने में विफल रहा। सेशन-ट्रायल के बाद बुधवार को जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-11 ब्रजेश कुमार ने उसे बरी कर दिया। वह पिछले आठ वर्षों से जेल में बंद था।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार से मिली कानूनी सहायता

पत्नी की हत्या के आरोपित नंदकिशोर राम को गिरफ्तार कर पुलिस ने आठ मई 2018 को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे उसी दिन जेल भेज दिया था। तभी से वह जेल में था। उसके परिजनों ने उसे त्याग दिया था। कभी उसकी जमानत की अर्जी भी दाखिल नहीं की गई। उसकी अर्जी पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से उसे कानूनी सहायता उपलब्ध कराई गई। उसके बचाव में डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल राम बाबूसिंह और असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल जीशान अहमद ने कोर्ट में जमकर पैरवी की।

पक्षरोधी हो गए पांच गवाह, कोर्ट में नहीं आया आईओ

अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाहों को पेश किया गया। ये सभी गवाह मुकर गए। कोर्ट ने इन पांचों गवाहों को पक्षरोधी करार दिया। अपर लोक अभियोजक सुनील पांडेय ने बताया कि मामले के सूचक शिवनाथ राम कोर्ट में गवाही देने नहीं आना चाह रहा था। पुलिस के माध्यम से उसे कोर्ट में पेश कराया गया। वह घटना का चश्मदीद नहीं था। उसकी गवाही ठोस साक्ष्य नहीं हो सका। पोस्टमार्टम करने वाले एसकेएमसीएच के डॉक्टर की गवाही हुई। उन्होंने हत्या की पुष्टि की थी। वहीं काफी प्रयास के बाद भी मामले के आईओ कोर्ट के समक्ष पेश नहीं हुए।

बरी होने के बाद भी पूछ रहा था अगली तारीख

आठ वर्षों से जेल में रहने व परिजनों के परित्याग करने के कारण नंदकिशोर की मन:स्थिति सही नहीं चल रही थी। उसने मान लिया था कि वह जेल से अब कभी रिहा नहीं होगा। कोर्ट ने उसे बरी होने का फैसला सुनाया। इससे वह अनजान बना रहा। जब उसे दस्तखत कराने के लिए कोर्ट लिपिक के पास ले जाया गया तो उसने पूछा कि अगली तारीख कब है। जब उसे बताया गया कि उसका केस समाप्त हो गया है और उसे बरी कर दिया गया है। तब उसने पूछा कि वह जेल से कब छूटेगा।

ससुर ने दर्ज कराई थी एफआईआर

नंदकिशोर राम के ससुर पारू थाना क्षेत्र के कटारू गांव के शिवनाथ राम ने आठ मई को सरैया थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें नंदकिशोर राम व उसके परिजनों पर अपनी पुत्री संगीता देवी की गला रेतकर हत्या करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने उसी दिन नंदकिशोर राम को गिरफ्तार कर लिया था। जांच के बाद पुलिस ने 14 जुलाई 2018 को नंदकिशोर राम के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किया। अन्य आरोपितों के विरुद्ध पुलिस ने आरोपों को असत्य करार दिया था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नंदकिशोर राम को कितने सालों तक जेल में रहना पड़ा?
नंदकिशोर राम को आठ वर्षों तक जेल में रहना पड़ा।
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