विकास पर आठ प्रतिशत खर्च और निगम के खाते में पड़े 130 करोड़
मुजफ्फरपुर नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 206.43 करोड़ रुपये की आय दर्ज की। हालाँकि, निगम ने केवल 76.82 करोड़ रुपये खर्च किए, जिसमें विकास कार्यों पर केवल 15 करोड़ रुपये खर्च हुए। निगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए और अगले वित्तीय वर्ष के लिए 961 करोड़ का बजट पास किया गया, जिसमें शहरी गरीबों के लिए 273 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।

मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। नगर निगम को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में एक अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक 206.43 करोड़ रुपये की आय हुई। निगम नौ महीने में इसमें से सिर्फ 76.82 करोड़ रुपये ही खर्च कर सका। करीब 60 करोड़ निगमकर्मियों, मानव बल आदि के वेतन, ईंधन, स्थापना, ऑफिस मेंटेनेंस व अन्य कार्यों में खर्च हुआ। सड़क से पानी तक की अनगिनत समस्याओं से जूझ रहे शहर के विकास कार्यों पर निगम ने महज आठ फीसदी यानी करीब 15 करोड़ ही खर्च किए। निगम की आमदनी के 130 करोड़ खाते में ही पड़े हैं। वर्ष 2026-27 के निगम के वार्षिक बजट के प्रारूप पर चर्चा को लेकर शनिवार को हुई सशक्त स्थायी समिति की बैठक में विकास कार्यों को लेकर सुस्ती पर सवाल उठे।
मेयर निर्मला देवी ने निगम के अफसरों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। वार्ड पार्षद राजीव पंकू ने सवाल उठाया कि क्या सूद के लिए खाते में पैसे छोड़कर रखे गए हैं? लोग जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछते हैं। वार्ड पार्षद केपी पप्पू, अमित रंजन, अभिमन्यु चौहान व अन्य सदस्यों ने भी विकास कार्यों की उपेक्षा पर आपत्ति जताई। इसपर नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह ने अपनी नई पदस्थापना का हवाला देते हुए कहा कि आगे काम तेजी से पूरा कराया जाएगा। इसके अलावा, बैठक में शहरी गरीबों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर भी सवाल उठे। पार्षद राजीव पंकू ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के बजट में 245 करोड़ के प्रावधान के बावजूद नतीजा सिफर रहा। अधिकारियों ने पीएम आवास आदि की बात कही। इस पर पार्षद ने कहा, पीएम आवास का अलग फंड है। निगम को गरीबों को सड़क, नाला, पानी, स्ट्रीट लाइट आदि उपलब्ध कराना है। दूसरा पार्ट: मामूली संशोधन के साथ 961 करोड़ का बजट पास - नल जल योजना की राशि को किया गया दोगुना - मल्टीलेवल पार्किंग का होगा निर्माण, 10 करोड़ का प्रावधान - होली के बाद निगम बोर्ड की बैठक में पेश होगा बजट मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। सशक्त स्थायी समिति के मामूली संशोधन के साथ निगम के अगले वित्तीय वर्ष के लिए 961 करोड़ के बजट के प्रारूप को पास कर दिया। इसमें सबसे अहम जलापूर्ति का मामला रहा। हर घर नल जल के लिए निगम ने 25 करोड़ का इंतजाम किया था। इसे बढ़ाते हुए 50 करोड़ किया गया। इसके अलावा पार्किंग के लिए एक करोड़ के प्रावधान को 10 गुना बढ़ाते हुए 10 करोड़ किया गया। पार्षद राजीव पंकू के मुताबिक मल्टीलेवल पार्किंग के लिए राशि बढ़ाई गई है। निगम क्षेत्र में उपयुक्त स्थल का चयन कर मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जाएगी। बहरहाल स्टैंडिंग के अनुमोदन के बाद अब होली बाद निगम बोर्ड की बैठक में बजट पेश किया जाएगा। जल्द ही इसकी तिथि की घोषणा होगी। प्रावधान के अनुसार बोर्ड से पास होने के बाद विभाग को 15 मार्च तक बजट भेजने की समय सीमा है। अगले एक अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू होगा। सबसे अधिक शहरी गरीबों की मूल सुविधा पर खर्च होंगे 273 करोड़ बजट में सबसे अधिक शहरी गरीबों को मुलभूत सुविघा उपलब्ध कराने को 273.44 करोड़ का विशेष प्रावधान किया गया है। यह कुल बजट राशि का 28.45 फीसदी है। नगरपालिका अधिनियम 2007 के तहत संसाधनों को शहरी गरीबों के लिए आधारभूत सेवाओं के लिए कर्णांकित करने का प्रावधान है। सवा चार घंटे तक चली बैठक दिन में करीब पौने तीन बजे मेयर निर्मला देवी की अध्यक्षता में शुरू हुई स्टैंडिंग की बैठक देर शाम सात बजे तक चली। इसमें नगर आयुक्त, डिप्टी मेयर डॉ. मोनालिसा, कार्यपालक अभियंता विजेंद्र कुमार, उप नगर आयुक्त अमित कुमार, स्वरा, स्टैंडिंग के सदस्य राजीव पंकू, केपी पप्पू, अमित रंजन, अभिमन्यु चौहान, उमाशंकर पासवान, सुरभि शिखा व कन्हैया गुप्ता, सिटी मैनेजर रीतेश कुमार, आलोक कुमार व अन्य मौजूद रहे। एक नजर ::::::::: योजना - राशि ऑडिटोरियम निर्माण - 22.5 करोड़ वेंडिंग जोन व कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स निर्माण - 12.75 करोड़ कच्ची नाली-गली (पक्कीकरण) - 12 करोड़ ठोस कचरा प्रोसेसिंग - 10 करोड़ मुक्तिधाम मेंटेनेंस व सौंदर्यीकरण योजना - 10 करोड़ पशु शवदाह गृह निर्माण - 10 करोड़ प्रमुख चौराहों का सौंदर्यीकरण - 5 करोड़ जलजमाव मुक्ति योजना - 1.80 करोड़ फरदो नाले की सफाई - 1.5 करोड़ बॉक्स: होल्डिंग टैक्स से 81 करोड़ राजस्व संग्रह का लक्ष्य निगम ने अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 में 81 करोड़ राजस्व संग्रह का लक्ष्य रखा है। चालू वित्तीय वर्ष की अपेक्षा 12 करोड़ अधिक है। इसके अलावा ट्रेड लाइसेंस शुल्क के जरिए तीन करोड़ वसूली का लक्ष्य रखा गया है। चार तरह के टैक्स से 83 लाख होगी आमदनी: होल्डिंग टैक्स - 81 करोड़ विज्ञापन शुल्क - 3 करोड़ लाइसेंस शुल्क - 1.75 करोड़ टॉवर टैक्स - 12 लाख
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