
मॉडल अस्पताल में छह माह से चर्म रोग विशेषज्ञ नहीं
मुजफ्फरपुर के मॉडल अस्पताल में छह महीने से चर्म रोग विशेषज्ञ नहीं है। मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें या तो एसकेएमसीएच का दौरा करना पड़ता है या निजी चिकित्सकों से महंगा इलाज कराना पड़ता है। डॉक्टर की कमी के कारण हर दिन कई मरीज निराश होकर लौट जाते हैं।
मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। मॉडल अस्पताल में चर्म रोग के डॉक्टर छह माह से नहीं है। इससे चर्म रोगियों को इलाज नहीं मिल रहा है। डॉक्टर नहीं होने के कारण ओपीडी में चर्म रोग के मरीज की पर्ची तक नहीं काटी जाती। मरीजों को या तो एसकेएमसीएच का चक्कर लगाना पड़ता है या फिर निजी चिकित्सकों से इलाज कराना मजबूरी होती है। जुलाई के बाद से मॉडल अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ नहीं है। डॉ. अभिजीत का पटना तबादला हो गया, फिर उनका अचानक निधन भी हो गया। इसके बाद से मॉडल अस्पताल में चर्म रोग के डॉक्टर का पद खाली पड़ा है।
हर दिन मॉडल अस्पताल में दो दर्जन से अधिक चर्म रोग से पीड़ित मरीज डॉक्टर के अभाव में निराश होकर लौट जाते हैं। शनिवार को भी 10-15 मरीज लौट गए। जवाहर लाल रोड के रोहित रंजन, अखाड़ाघाट के सुजीत कुमार, पंकज पटेल, चकबासु के ललन सिंह, गोबरसही के वरुण झा ने बताया कि सदर अस्पताल में चर्म रोग का इलाज कराने आया था। लेकिन, डॉक्टर नहीं है। उन्हें एसकेएमसीएच या अन्य हेल्थ वेलनेस सेंटर जाने की सलाह दी गई। पर्ची भी नहीं काटी गई। निजी अस्पताल में इलाज महंगा है। वहां भीड़ भी अधिक है। इससे परेशानी होती है। एसकेएमसीएच शहर से काफी दूर है। वहां जाने में परेशानी होती है। बैक्टीरियल, वायरल, फंगल संक्रमण के अधिक मरीज : बताया जाता है कि यहां चर्म रोग में एक्जिमा के साथ बैक्टीरियल, वायरल और फंगल संक्रमण के अधिक मरीज आते हैं। यह गंदा पानी और गंदगी से यह होता है। यह एक प्रकार का एलर्जी भी माना जाता है। शहर के मिठनपुरा और मुशहरी से सटे इलाके से चर्म रोग के अधिक मरीज मॉडल अस्पताल पहुंचे हैं।

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