
मेट्रो : 10 महीने से डीपीआर का इंतजार
मुजफ्फरपुर मेट्रो प्रोजेक्ट इस साल शुरू नहीं होगा क्योंकि डीपीआर अभी तक तैयार नहीं हुआ है। राइट्स ने मार्च 2025 तक डीपीआर तैयार करने का आश्वासन दिया था, लेकिन 13 महीने बाद भी कोई प्रगति नहीं हुई है। निर्माण में देरी से बजट में 1000 करोड़ की वृद्धि की संभावना है।
मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। मुजफ्फरपुर मेट्रो प्रोजेक्ट इस साल धरातल पर नहीं उतर पाएगा। अब तक इसका डीपीआर भी तैयार नहीं हो सका है। इसकी जिम्मेदारी राइट्स (रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस) को मिली है। दिसंबर 2024 में स्थानीय नगर भवन में जन प्रतिनिधियों व अन्य लोगों का फीडबैक लेने को आयोजित बैठक में राइट्स के प्रतिनिधियों ने मार्च 2025 तक डीपीआर तैयार होने की बात कही थी। इसके 13 महीने के बाद भी नतीजा सिफर ही है। डीपीआर तैयार होने के बाद उसे कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। वहां से पास होने पर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
हर स्तर पर क्लियरेंस मिलने के बाद ही निर्माण के लिए एजेंसी के चयन को टेंडर निकलेगा। इसके बाद ही काम शुरू हो पाएगा। इन प्रक्रियाओं को पूरा होने में समय लगेगा। ऐसे हालात में देरी होने पर मेट्रो के बजट में एक हजार करोड़ से अधिक की वृद्धि हो सकती है। राइट्स का अनुमान 5359 करोड़ खर्च का है। विशेषज्ञों के मुताबिक, समय बीतने के साथ ही निर्माण सामग्री से लेकर अन्य स्तरों पर रेट बढ़ रहे हैं। टेंडर के समय के बाजार को ध्यान में रखकर नए सिरे से बजट में संशोधित करना पड़ेगा। मेट्रो के निर्माण के लिए 60 प्रतिशत राशि वित्तीय संस्थानों से कर्ज लिया जाएगा। शेष 20-20 प्रतिशत राशि केंद्र व राज्य सरकार वहन करेगी। डीपीआर बना रही एजेंसी की सुस्ती लगातार जारी : छह महीने के अंदर सर्वे व एलाइनमेंट का काम पूरा होने के बाद इस मामले में कोई प्रगति नहीं है। शुरुआती तेजी के बाद डीपीआर बना रही एजेंसी राइट्स की सुस्ती चौंकाने वाली है। जुलाई 2024 में मेट्रो परिचालन की संभाव्यता की जिम्मेवारी मिलने के बाद राइट्स ने अगले ही माह अगस्त में सर्वे का काम पूरा करके अक्टूबर में नगर विकास विभाग को रिपोर्ट सौंप दी। फिर विभाग के निर्देश पर राइट्स ने स्थानीय स्तर नगर भवन में बैठक करके पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के जरिए मेट्रो प्रोजेक्ट के एलाइनमेंट व अन्य पहलुओं की जानकारी देते हुए तीन महीने में डीपीआर तैयार होने की बात कही। लेकिन, अब तक यह तैयार नहीं हो सका है। एक कॉरिडोर में 13 व दूसरे में होंगे सात स्टेशन : राइट्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 21.25 किमी लंबे मेट्रो के दो कॉरिडोर का निर्माण होना है। हरपुर बखरी से रामदयालुनगर के बीच कॉरिडोर-एक की लंबाई 13.85 किमी होगी। इसमें 13 स्टेशन हरपुर बखरी, सिपाहपुर, अहियापुर, जीरोमाइल चौक, चकगाजी, दादर चौक, बैरिया बस स्टैंड, चांदनी चौक, विशुनदत्तपुर, भगवानपुर चौक, गोबरसही, खबड़ा और रामदयालुनगर शामिल होंगे। वहीं, 7.40 किमी लंबे कॉरिडोर-दो में एसकेएमसीएच से जंक्शन के बीच कुल सात स्टेशन होंगे। इनमें एसकेएमसीएच, शहबाजपुर, जीरोमाइल चौक, शेखपुर, अखाड़ाघाट, कंपनीबाग रोड और रेलवे स्टेशन शामिल हैं। सालभर में कोई प्रगति नहीं : एक नजर 21 जून 2024 - राज्य कैबिनेट ने मेट्रो परिचालन को स्वीकृति दी। जुलाई 2024 - मेट्रो परिचालन की संभाव्यता की जिम्मेवारी राइट्स को मिली। अगस्त 2024 - राइट्स ने सर्वे का काम पूरा किया। अक्टूबर 2024 - नगर विकास विभाग को राइट्स ने रिपोर्ट सौंपी। 14 दिसंबर 2024 - राइट्स ने जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर फीडबैक लिए। बयान ::::::::::::: मुजफ्फरपुर मेट्रो प्रोजेक्ट में नई प्रगति के बारे में फिलहाल जानकारी नहीं है। इस बारे में पता करवाया जाएगा। देरी के बारे में जानकारी लेकर मामले में आगे पहल की जाएगी। -ऋतुराज प्रताप सिंह, नगर आयुक्त

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