
किसान निबंधन में मुजफ्फरपुर सूबे में अव्वल
मुजफ्फरपुर जिले ने डीएम सुब्रत कुमार सेन के नेतृत्व में तीन दिवसीय विशेष किसान निबंधन एवं ई-केवाईसी अभियान में राज्य में पहला स्थान हासिल किया। 8000 किसानों के निबंधन के लक्ष्य के मुकाबले 10566 किसानों का निबंधन किया गया। अंतिम दिन सभी अंचलों को 1500 किसानों का निबंधन करने का निर्देश दिया गया।
मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने के उद्देश्य से डीएम सुब्रत कुमार सेन के नेतृत्व में चले तीन दिवसीय विशेष किसान निबंधन एवं ई-केवाईसी अभियान में मुजफ्फरपुर पूरे राज्य में प्रथम आया है। राज्य स्तर पर जिले को 8000 किसानों के निबंधन का लक्ष्य मिला था, जिसके विरुद्ध 10566 किसानों का निबंधन किया गया। यह राज्य में सर्वाधिक है। शनिवार को प्रत्येक अंचल को 1500 निबंधन का टास्क दिया गया है। मुशहरी सीओ से शोकॉज, हर लंबित आवेदन पर 500 जुर्माना: समीक्षा में पाया गया कि मोतीपुर में निबंधन एवं ई-केवाईसी का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा।
मुशहरी अंचल में म्यूटेशन परिमार्जन से संबंधित आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने के मामले में डीएम ने सीओ से शोकॉज किया है। साथ ही प्रति लंबित आवेदन 500 जुर्माना लगाने का निर्देश अपर समाहर्ता राजस्व को दिया। संबंधित राजस्व अधिकारी एवं कर्मियों को चिन्हित कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। डीएम ने अंचल में लंबित परिवादों की भी गहन जांच कर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए। बोचहां व गायघाट अंचलों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर पाया गया, फिर भी डीएम ने इसमें और सुधार लाने के निर्देश दिए। वहीं, मुरौल अंचल में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिला कृषि पदाधिकारी एवं मुरौल के अंचल अधिकारी को संयुक्त रूप से आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। पीएम किसान सम्मान निधि से जुड़े आंकड़े मुजफ्फरपुर जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत कुल 3,59,827 किसान आच्छादित हैं। इनमें से अब तक 38,827 किसानों का निबंधन किया जा चुका है। विशेष अभियान के दौरान शुक्रवार को एक दिन में 7,388 किसानों का निबंधन किया गया। वहीं, कुल 15,514 किसानों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण की गई। अंतिम दिन को लेकर सख्त चेतावनी शनिवार को महाअभियान के अंतिम दिन को ध्यान में रखते हुए डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को कड़ी चेतावनी दी। मुशहरी, कांटी और कुढ़नी जैसे बड़े प्रखंडों के अपेक्षाकृत खराब प्रदर्शन पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने शनिवार को प्रत्येक अंचल को हर हाल में न्यूनतम 1500 किसानों का निबंधन एवं ई-केवाईसी करने का लक्ष्य निर्धारित किया।

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