गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ तो गवाही देने कोर्ट में पहुंचे एएसआई
मुजफ्फरपुर में 15 वर्षीय किशोरी के अपहरण के मामले में, पांच साल बाद गवाही नहीं देने पर अहियापुर थाने के पूर्व एएसआई श्रीकांत सिंह का गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। उन्होंने विशेष पॉक्सो कोर्ट में अपनी गवाही दी। किशोरी ने आरोप लगाया कि उसे बैंक से रुपये निकालने के बहाने अपहरण किया गया था।

मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। किशोरी के अपहरण के पांच वर्ष पुराने मामले में गवाही नहीं देने आने पर गिरफ्तारी वारंट जारी होते ही अहियापुर थाने के तत्कालीन एएसआई श्रीकांत सिंह बुधवार को विशेष पॉक्सो कोर्ट एक में हाजिर हुए। उन्होंने कोर्ट में अपनी गवाही दर्ज कराई। वे इस मामले में आईओ थे, पर लंबे समय से गवाही के लिए नहीं आ रहे थे। इस पर विशेष पॉक्सो कोर्ट एक के न्यायाधीश धीरेंद्र मिश्र ने आईओ रहे श्रीकांत सिंह व मंगल सिंह के विरुद्ध मंगलवार को गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।बैंक से रुपये निकासी को साथ ले जाकर किया अपहरण :अहियापुर थाना क्षेत्र की 15 वर्षीया किशोरी के पिता ने एक जुलाई 2021 को एफआईआर कराई थी।
इसमें अपने मोहल्ला की चिंता देवी को आरोपित बनाया था। कहा था कि 24 जून 2021 की दोपहर चिंता देवी केदारनाथ रोड स्थित बैंक से रुपये निकालने के लिए पुत्री को साथ ले गई थी। बैंक से चिंता देवी वापस आ गई, लेकिन उसकी पुत्री वापस नहीं आई। पूछताछ करने पर उसने दो दिनों में पुत्री को बुलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद भी पुत्री वापस नहीं आई। पुलिस जांच में घटना में चिंता देवी के पुत्र दिलीप कुमार की भी संलिप्तता सामने आई। किशोरी ने कोर्ट में बयान में कहा था कि चिंता देवी व दिलीप ने उसे मिठाई में नशीला पदार्थ खिला दिया। बेहोश होने पर उसे पटना ले गया। वहां चिंता देवी व दिलीप मारपीट करता था। मौका पाकर उसने पिता को कॉल कर इसकी सूचना दी। फिर पिता उसे पटना से ले आए।
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