
इंटर की कॉपियों पर मशीन से होगी बारकोडिंग, रुकेगी गड़बड़ी
मुजफ्फरपुर में इंटर परीक्षा की कॉपियों पर मशीन से बारकोडिंग की व्यवस्था की गई है। इससे रिजल्ट में गड़बड़ी और पेंडिंग मामलों को रोका जा सकेगा। अब सभी जिलों में बारकोडिंग होगी, जिससे कॉपियों का मिलान आसान होगा और किसी भी गड़बड़ी का तुरंत पता चलेगा।
मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। इंटर की कॉपियों पर अब मशीन से बारकोडिंग होगी। इससे पेंडिंग रिजल्ट समेत कई तरह की गड़बड़ी रुकेंगी। इस साल से पहली बार सभी जिलों में कॉपियों पर मशीन से बारकोडिंग की व्यवस्था हो रही है। अब तक मैन्युअल ही बारकोडिंग की जाती थी। केंद्रों पर दिए गए परीक्षा एप से बारकोडिंग के सॉफ्टवेयर को कनेक्ट किया गया है। कॉपी पर दोनों ओर बारकोड का स्टीकर लगता है। मैन्युअल करने पर कई बार चूक से रिजल्ट अटकता था। अब परीक्षा एप और साफ्टवेयर कनेक्टिविटी से परीक्षा शुरू होने के दस मिनट के अंदर ही कुल परीक्षार्थियों व कॉपियों की संख्या बोर्ड व बारकोड वाले सॉफ्टवेयर को मिल जाएगी।
इससे कॉपी या परीक्षार्थी का मिलान आसान होगा। यही नहीं, कहीं कोई गड़बड़ी हुई तो त्वरित पता चलेगा। पहले मैन्युअल में गलत बारकोड चिपकने, छूट जाने की आशंका रहती थी। अब परीक्षा एप सभी केन्द्रों पर दिया गया है। हर दिन परीक्षा शुरू होने के 10 मिनट के भीतर ही इस पर उपस्थिति-अनुपस्थिति डालनी है। कॉपी के बारकोड से पता चलेगा कि किस केन्द्र की है कॉपी : बोर्ड के एप से बारकोड का सॉफ्टवेयर जुड़ा हुआ है। ऐसे में कॉपी मिलते ही उसपर लगे बारकोड से यह पकड़ लिया जाएगा कि यह किस केन्द्र की कॉपी है, किस पाली में उपयोग हुई है और किस विषय की है। उस केन्द्र से संबंधित भेजी गई संख्या से उसका मिलान भी हो जाएगा। अगर केन्द्र पर 230 उपस्थिति है तो 229 कॉपी आने पर शो करेगा कि एक कॉपी छूट गई है या एक से दूसरे बंडल में चली गई है। पहले बारकोड लगाने में एक चिपकाया और दूसरा कहीं और चिपक गया तो इससे अंक बदलने की भी संभावना बनी रहती थी। काउंटिंग भी गलत होती थी। अब पेडिंग वाला मामला भी कम होगा और तेजी से काम हो सकेगा। परीक्षा के अगले ही दिन होगी मशीन से बारकोडिंग : बोर्ड ने निर्देश दिया है कि परीक्षा के अगले ही दिन विषयवार व कोडवार उत्तरपुस्तिकाओं की मशीन से बोरकोडिंग की व्यवस्था राज्य के 38 जिलों में की गई है। ओएमआर, कॉपियों को उसी दिन व्रजगृह में सीलबंद कर डीएम के द्वारा जमा करवाया जाएगा। जिले में जिला स्कूल में व्रजगृह बनाया गया है जहां मशीन से बारकोडिंग को लेकर संबंधित कर्मियों को ट्रेनिंग भी दी गई।

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