अमानक अस्पतालों को लाइसेंस देने में सिविल सर्जन की भी जिम्मेदारी होगी तय: आयुक्त

हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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मुजफ्फरपुर में प्रसाद हॉस्पिटल की आईसीयू में आग लगने के बाद सिविल सर्जन की जिम्मेदारी तय की जाएगी। आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने कहा कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। अग्निशमन विभाग और बिजली विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए हैं। सभी अस्पतालों में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जाएगा।

अमानक अस्पतालों को लाइसेंस देने में सिविल सर्जन की भी जिम्मेदारी होगी तय: आयुक्त

मुजफ्फरपुर, विशेष संवाददाता। प्रसाद हॉस्पिटल की आईसीयू में अगलगी की घटना के बाद अमानक अस्पतालों को लाइसेंस देने के मामले में सिविल सर्जन की भी जिम्मेवारी तय होगी। प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने मंगलवार को प्रेस वार्ता कर इसकी जानकारी दी।

आईसीयू में शॉर्ट सर्किट से लगी आग

आईसीयू में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में सात मरीजों की दर्दनाक मौत के मामले में प्रमंडलीय आयुक्त ने विभागों की भी जिम्मेदारी तय करने का आदेश दिया है। आयुक्त ने साफ कर दिया है कि दोषी अधिकारियों और विभागों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में संबंधित विभागों की जवाबदेही तय की जा रही है, जिसमें सिविल सर्जन कार्यालय, अग्निशमन (फायर ब्रिगेड) और बिजली विभाग मुख्य हैं।

दोषी अधिकारियों पर दर्ज होगा क्रिमिनल केस

आयुक्त ने कहा कि सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा किसी भी निजी अस्पताल को लाइसेंस देने के क्या मानक रहे हैं, इसकी गहन जांच कराई जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जांच में यह बात सामने आती है कि तत्कालीन सिविल सर्जन और उनकी टीम ने नियमों का उल्लंघन कर या मिलीभगत से अस्पताल को लाइसेंस जारी किया था, तो उनके खिलाफ क्रिमिनल एक्ट (आपराधिक मामला) के तहत सीधी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कागज पर तो नहीं बंटा फायर, होगी जांच

अस्पतालों में फायर सेफ्टी को लेकर आयुक्त ने अग्निशमन विभाग की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इसकी भी मुकम्मल जांच होगी कि अग्निशमन विभाग ने अस्पतालों को एनओसी भौतिक सत्यापन के बाद दिया या सिर्फ दफ्तर में बैठकर कागज पर ही ऑडिट कर दिया। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में कोई गड़बड़ी या खानापूर्ति पाई जाती है, तो संबंधित निजी अस्पताल का लाइसेंस तुरंत निलंबित (सस्पेंड) कर दिया जाएगा। फायर उपकरण की भी जांच होगी कि यह मानक के अनुसार है कि नहीं।

बिजली विभाग को करना होगा ऑडिट

बिजली विभाग की यह सीधी जिम्मेदारी है कि वह समय-समय पर अस्पतालों के बिजली लोड की जांच करे। अस्पतालों के भीतर इस्तेमाल हो रहे सप्लाई वायर, एमसीबी ) और अन्य इलेक्ट्रिकल फिटिंग्स की गुणवत्ता की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही सुरक्षा मानकों में जरा भी कोताही पाए जाने पर तुरंत सख्त कदम उठाए जाएं। मरीजों और आम लोगों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए उन्होंने कहा कि मैं सरकार से अनुशंसा करने जा रहा हूं कि सभी अस्पतालों में रैंप बनवाना अनिवार्य करने के लिए सख्त नियम बनाए जाए। भविष्य में जिस भी अस्पताल में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए रैंप नहीं होगा, उसे किसी भी हाल में एनओसी और लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा।

सामान्य प्रश्न

प्रसाद हॉस्पिटल में आग लगने का कारण क्या था?
प्रसाद हॉस्पिटल की आईसीयू में आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी।
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