जांच टीम को देख मरीजों को अस्पताल में बंद कर ताला जड़ भागा संचालक
मुजफ्फरपुर में प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन ने अवैध नर्सिंग होम की जांच शुरू की। छापेमारी के दौरान माही अस्पताल का संचालक मरीजों को बंद करके फरार हो गया। प्रशासन ने मरीजों को सुरक्षित निकाला और एक अस्पताल कर्मी ने जांच टीम पर हमला कर दिया।

मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन अवैध निजी नर्सिंग होम की जांच के लिए अभियान चला रहा है। इस दौरान सोमवार को अवैध रूप से चल रहे निजी अस्पतालों के खिलाफ जांच अभियान के दौरान एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया। छापेमारी की भनक लगते ही अहियापुर थाना क्षेत्र के पुरानी जीरोमाइल रोड स्थित माही अस्पताल का संचालक दो महिला मरीजों और उनके परिजनों को अंदर ही बंद कर बाहर से ताला लगाकर फरार हो गया। हद तो यह कि उसने भागने से पहले अस्पताल की बिजली भी काट दी। मरीज और परिजन अंदर ही छटपटा रहे थे。
जांच करने पहुंची जिला प्रशासन की टीम
जांच करने पहुंची जिला प्रशासन की टीम को जब इसकी जानकारी मिली तो अस्पताल के मेन गेट का ताला तोड़वाया। फिर अंदर फंसे मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद प्रशासन ने एंबुलेंस और अन्य वाहनों की मदद से दोनों मरीजों को एसकेएमसीएच में भर्ती कराया। बंधक बनाए गए मरीजों में बोचहां की रीना कुमारी और दरभंगा की शांति देवी शामिल हैं। बताया गया कि यूट्रस और अपेंडिक्स के ऑपरेशन के बाद दोनों महिलाएं अस्पताल में भर्ती थीं।
जांच टीम पर हमला, कर्मी हिरासत में
प्रशासन की कार्रवाई के दौरान मेडिकल फोरलेन स्थित एक निजी अस्पताल में माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब जांच टीम पर एक अस्पताल कर्मी ने हमला कर दिया। स्थिति बिगड़ते देख मौके पर मौजूद अहियापुर थाने की पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और आरोपी कर्मी को हिरासत में ले लिया। फिलहाल पुलिस थाने में रखकर उससे पूछताछ कर रही है।
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