
ओपीडी में नियमित रूप से आएं डॉक्टर: अपर निदेशक
मुजफ्फरपुर में क्षेत्रीय अपर निदेशक (स्वास्थ्य) डॉ. अजय कुमार ने स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने संस्थागत प्रसव बढ़ाने और निजी अस्पतालों में प्रसव का रिकॉर्ड बनाने का निर्देश दिया। साथ ही, डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति और सफाई पर भी ध्यान देने का आदेश दिया। पुरुष नसबंदी और बीपी-शुगर की स्क्रीनिंग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। क्षेत्रीय अपर निदेशक (स्वास्थ्य) डॉ. अजय कुमार ने शनिवार को तिरहुत प्रमंडल के सभी सिविल सर्जन, एसीएमओ, एनसीडीओ और डीपीएम के साथ बैठक कर स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की। इसमें अपर निदेशक ने सभी जिलों को संस्थागत प्रसव बढ़ाने का निर्देश दिया। इसके अलावा निजी अस्पतालों में भी होने वाले संस्थागत प्रसव का रिकार्ड तैयार करने को कहा। अपर निदेशक कहा कि सीएस इसकी निगरानी रखें कि ओपीडी में डॉक्टर नियमित तौर पर आएं। पिछले दिनों प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह के औचक निरीक्षण के दौरान सदर अस्पताल में डॉक्टर के नहीं रहने और बेडशीट गंदा होने पर अपर निदेशक ने नाराजगी जताई।
उन्होंने सभी सीएस को सफाई रखने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रसव पूर्व जांच का निबंधन कराया जाए। अपर निदेशक ने पूछ कि अगर गर्भवती चारों प्रसव पूर्व जांच अस्पताल में करा रहीं हैं तो संस्थागत प्रसव कम क्यों हो रहा है। बैठक में अपर निदेशक में पुरुष नसबंदी की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया। समीक्षा में पश्चिम चंपारण और मुजफ्फरपुर में पुरुष नसबंदी कम पाई गई। अपर निदेशक ने बीपी व शुगर की स्क्रीनिंग लगातार करने का निर्देश दिया। बैठक में क्षेत्रीय अनुश्रवण व मूल्यांकन पदाधिकारी ऋतु राय, सीएस डॉ अजय कुमार, आरपीएम गजानंद गुप्ता, डीपीएम रेहान अशरफ, क्षेत्रीय उप निदेशक शंकर रजक, संजय कुमार, रमन कुमार, गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ नवीन कुमार मौजूद रहे।

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