Muzaffarpur News: हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर इलाज में सीतामढ़ी अव्वल, मुजफ्फरपुर 9वें स्थान पर
Muzaffarpur News: सीतामढ़ी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ने राज्य में पहले स्थान पर और मुजफ्फरपुर ने 9वें स्थान पर रैंकिंग प्राप्त की है। मुजफ्फरपुर में 60 प्रतिशत मरीजों का इलाज किया गया है। जबकि बीपी मरीजों की खोज सिर्फ 4 प्रतिशत हुई है।

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर मरीजों के इलाज और रिपोर्टिंग के मामले में पूरे राज्य में सीतामढ़ी नंबर एक स्थान पर और मुजफ्फरपुर 9वें स्थान पर आया है। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर मरीजों के इलाज, दवा की उपलब्धता और अन्य कार्यक्रम के आधार पर शुक्रवार को रैकिंग जारी की है। पूरे राज्य में गोपालगंज दूसरे और वैशाली तीसरे स्थान पर है।
रिपोर्ट के अनुसार
रिपोर्ट के मुताबिक, मुजफ्फरपुर के हेल्थ एंड वेलेनस सेंटर पर 60 प्रतिशत मरीजों का इलाज हो रहा है। हालांकि, टेली मेडिसिन की काउंसिलिंग सिर्फ 38 प्रतिशत ही हो रही है। इस संबंध में क्षेत्रीय उप निदेशक डॉ शंकर रजक का कहना है कि रैंकिंग को और भी बेहतर बनाने के लिए प्रयास किया जाएगा। मुजफ्फरपुर जिले में 600 से अधिक वेलनेस सेंटर हैं। वहीं, पूरे राज्य में 10 हजार वेलनेस सेंटर चल रहे हैं।
16 मानकों पर हुई वेलनेस सेंटरों की जांच
राज्य के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की जांच 16 मानकों पर की गई थी। इनमें ओपीडी में मरीजों का इलाज, दवा की उपलब्धता, जांच किट की उपलब्धता, हर दिन की रिपोर्टिंग, आयुष्मान आरोग्य शिविर, प्रसव पूर्व निबंधन, टेली काउंसिलिंग आदि शामिल है। इसके अलावा जन आरोग्य समिति की बैठक, एनीमिया मरीजों की खोज, बीपी मरीजों की खोज, परिवार नियोजन, ओआरएस कितने बांटे गए, जिंक की गोलियां कितनी बांटी गईं, कितने बीमार नवजात रेफर किए गए, इसको भी देखा गया था।
मुजफ्फरपुर में सिर्फ 4% खोजे गए बीपी मरीज
मुजफ्फरपुर के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सिर्फ चार प्रतिशत बीपी के मरीज खोजे गए हैं। इसके अलावा बीमार नवजातों को रेफर करने का प्रतिशत भी सिर्फ 1.30 ही है। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सिर्फ 28 प्रतिशत ही ओआरस बंटा है और 24 प्रतिशत लोगों को जिंक की गोलियां दी गई है। परिवार नियोजन के लिए अंतरा की पहली डोज भी सिर्फ 34 प्रतिशत महिलाओं को मिला है। लेकिन, प्रसव पूर्व निबंधन में मुजफ्फरपुर ने सीतामढ़ी को पीछे किया है। मुजफ्फरपुर के वेलेनस सेंटर पर 93 प्रतिशत प्रसव पूर्व निबंधन हुआ है, जबकि सीतामढ़ी में 82 प्रतिशत।
सकरा-औराई में सिर्फ 31% टेली काउंसिलिंग
सकरा में रेफरल अस्पताल होने के बावजूद सिर्फ 31 प्रतिशत मरीजों की टेली काउंसिलिंग हुई है। इसके अलावा एक भी नवजात रेफर नहीं किया गया है। औराई में भी 31 प्रतिशत ही टेली काउंसिलिंग हुई है और एक भी बीमार नवजात रेफर नहीं किया गया है। सकरा में 53 प्रतिशत मरीजों का इलाज ओपीडी में हुआ है। सबसे ज्यदा 77 प्रतिशत मरीजों का इलाज मड़वन में हुआ है।
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