Hindi NewsBihar NewsMuzaffarpur NewsMuzaffarpur Election Vote Counting on November 14 with Increased Postal Voters
पोस्टल बैलेट व सर्विस वोटरों के वोट बदल सकते हैं चुनावी नतीजे

पोस्टल बैलेट व सर्विस वोटरों के वोट बदल सकते हैं चुनावी नतीजे

संक्षेप:

मुजफ्फरपुर में दूसरे चरण का मतदान संपन्न हो गया है। 14 नवंबर को वोटों की गिनती होगी। पिछले चुनाव में 224 प्रत्याशी थे, जबकि इस बार 130 हैं। 2020 में 7499 पोस्टल वोटर थे, अब यह संख्या बढ़कर 16400 हो गई है। कुल 21,285 वोटर हैं। मतदान प्रतिशत भी 71.81% तक पहुंच गया है।

Nov 11, 2025 01:36 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
share Share
Follow Us on

मुजफ्फरपुर, वसं : दूसरे चरण का मतदान संपन्न होते ही 14 नवंबर को वोटों की गिनती पर सबकी निगाहें टिकी होंगी। पिछले चुनाव में प्रत्याशियों की संख्या 224 थी। जबकि इस बार 94 कम 130 प्रत्याशी ही हैं। वोटों की गिनती की शुरुआत पोस्टल व सर्विस बैलेट से होनी है। रुझान इन्हीं वोटों से मिलने लगेगा। ऐसे 21,285 वोट नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं। लिहाजा, प्रत्याशियों और मतदाताओं को भी नतीजे को लेकर उत्सुकता है। बताया जाता है कि 2020 के विधानसभा चुनाव में मुजफ्फरपुर जिले की 11 सीटों पर 7499 पोस्टल वोटर थे। इस बार वह संख्या बढ़कर 16,400 हो गई है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

इस बार सर्विस वोटर 4885 हैं। पोस्टल बैलेट व सर्विस वोटर मिलाकर कुल 21,285 वोटर हैं। इनमें पोस्टल बैलेट से 8525 वोटर व सर्विस वोटर के 988 मतपत्र 10 नवंबर तक प्राप्त हो चुके थे। शेष मतदाताओं के मतपत्र तीन दिन और प्राप्त होंगे। फिर भी जो रह जाएंगे, उनके मतपत्र 14 नवंबर की सुबह मतगणना की अवधि आठ बजे तक सीधे मतगणना केंद्र पर पहुंच सकते हैं। 2020 में सबसे ज्यादा बोचहां में सबसे कम औराई में थे पोस्टल वोटर 2020 के विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा बोचहां में 1009 और सबसे कम 427 औराई में पोस्टल वोटर थे। गायघाट में 498, औराई में 427, मीनापुर में 576, बोचहां में 1009, सकरा में 657, कुढ़नी में 816, मुजफ्फरपुर में 979, कांटी में 558, बरूराज में 716, पारू में 870, साहेबगंज में 443 मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट से वोट किए थे। तब 60.38 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार मतदान प्रतिशत बढ़कर 71.81 हो गया है। बताया जाता है कि पोस्टल बैलेट व सर्विस वोटर के हकदारों को मतदान करने की प्रक्रिया 24 अक्टूबर से शुरू हुई। सशस्त्र बल, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र से बाहर से राज्य पुलिसकर्मी और विदेश में तैनात सरकारी अधिकारी शामिल हैं। उनके जीवन साथी यदि उनके साथ रहते हैं तो वह भी मतदान के पात्र हैं। इनके अलावा चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को सुविधा है। इसमें पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी और सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। इसी के साथ वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांगजन को भी पोस्टल बैलट सुविधा को इस्तेमाल करने का हक दिया गया है। इनके भी मतपत्र वज्रगृह में सुरक्षित रखे जा रहे हैं।