मिठनपुरा नाले के आखिरी हिस्से में निर्माण का रास्ता साफ

Nitish Soni हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा नाले का निर्माण कार्य फिर से शुरू हो गया है। पिछले साल अतिक्रमण के कारण कार्य रुक गया था। अब जिला प्रशासन के सहयोग से काम जारी है। अमृत योजना के अंतर्गत इस नाले से जलजमाव की समस्या का समाधान होगा। अप्रैल के अंत तक कार्य पूरा होने की उम्मीद है।

मिठनपुरा नाले के आखिरी हिस्से में निर्माण का रास्ता साफ

मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। मिठनपुरा नाले के आखिरी हिस्से में निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। सालभर से बंद पड़ा निर्माण कार्य फिर शुरू हो गया है। अमृत योजना के एसटीपी प्रोजेक्ट के अंतर्गत इस नाले को बनाया जा रहा है। इसकी कुल लंबाई 3720 मीटर है। अधिकतर काम पूरा हो चुका है। पिछले साल नाले के आखिरी हिस्से में 80 मीटर एरिया में रैयती जमीन का दावा होने के बाद काम बंद हो गया था। हालांकि बाद में हुई जांच में अतिक्रमण का मामला निकला। नाले की जमीन पर स्थायी निर्माण कर लिए गए थे। जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमित स्थल को खाली कराए जाने के बाद नाला निर्माण हो रहा है।

इस माह अप्रैल के अंत तक काम पूरा हो जाने की उम्मीद है। नाले की गहराई और चौड़ाई औसतन साढ़े तीन मीटर है। इस नाले के चालू होने के बाद मिठनपुरा से नारायणपुर दिघरा के बीच बड़े इलाके को जलजमाव से मुक्ति मिलेगी।चार नालों के जरिये निकलेगा शहर का पानीअमृत योजना के तहत कुल चार नालों का निर्माण होना है। सभी आउटर नाले हैं। इसके जरिये संबंधित इलाके के पानी की निकासी शहर के बाहर होगी। इनमें बीबीगंज (1230 मीटर) और कच्ची-पक्की नाले (870 मीटर) का काम पिछले ही साल पूरा हो चुका है। दोनों नाले चालू भी हो चुके हैं। 7.568 किलोमीटर लंबे सिकंदरपुर नाले का काम सबसे पीछे चल रहा है। यह शहर का सबसे बड़ा आउटर नाला होगा।बॉक्स ::::::::::सबसे बड़ा व खुला फरदो नालावर्तमान में शहर का सबसे बड़ा फरदो नाला है। इसकी लंबाई 6.267 किलोमीटर है। यह भी आउटर नाला है। कल्याणी चौक से शुरू होकर खबड़ा के रास्ते फरदो तक जाता है। नाले का दूसरा हिस्सा कल्याणी चौक से गांधी पुस्तकालय के पास मन तक जाता है। हालांकि फरदो नाला खुला है। इसकी चौड़ाई 20 फीट और गहराई 10 फीट तक है। गाद-गंदगी भरने से कई जगहों पर नाले की गहराई कम हो गई है। इसके अलावा अतिक्रमण व अन्य कारणों से चौड़ाई भी कम हुई है। ऐसे हालात में पानी निकासी की रफ्तार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।बयान :मिठनपुरा नाले के आखिरी हिस्से से अतिक्रमण हटने के बाद काम शुरू हो गया है। अगले 20 दिनों में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है। अमृत योजना के तहत दो नालों का काम पहले ही पूरा हो चुका है।- नारायण दूबे, सहायक अभियंता, बुडको

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