छात्रा को अगवा करने में सहयोगी को चार वर्ष की सजा
मुजफ्फरपुर के एक परीक्षा केंद्र से छात्रा को अगवा करने में दोषी शानू नदीम को कोर्ट ने चार वर्ष की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उसे दस हजार रुपये जुर्माना भी भरना होगा। छात्रा की मां ने एफआईआर कराई थी, जिसमें बताया गया कि उसकी 15 वर्षीया पुत्री को अगवा कर पटना ले जाया गया था।

मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। शहर स्थित एक परीक्षा केंद्र से छात्रा को अगवा करने में सहयोग करने में दोषी सरैया थाने के ब्रह्मपुरा गांव के शानू नदीम को कोर्ट ने चार वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि पीड़ित छात्रा को मिलेगी। विशेष पॉक्सो कोर्ट-एक के न्यायाधीश धीरेंद्र मिश्र ने शुक्रवार को उसे सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो नरेंद्र कुमार ने छह गवाहों को पेश किया। इससे पहले छात्रा को अगवा करने में दोषी पारू थाने के जगरनाथपुर नगवा गांव के मो.एजाज को पिछले वर्ष 30 जून को चार वर्ष की सजा सुनाई गई थी।
एफआईआर और घटना का विवरण
छात्रा की मां ने 22 फरवरी 2023 को नगर थाने में एफआईआर कराई थी। कहा था कि उसकी 15 वर्षीया पुत्री मैट्रिक की परीक्षा देने 21 फरवरी की दोपहर 12 बजे केंद्र पर पहुंची थी। वहां से मो.एजाज अपने साथियों के साथ उसे अगवा कर कार से पटना ले गया। कार में तीन लड़के व एक लड़की थी। उसकी पुत्री को पटना एयरपोर्ट ले जाया गया। एयरपोर्ट पर शक होने पर सीआईएसएफ जवानों ने रोककर पूछताछ की और उसे एयरपोर्ट थाने के हवाले कर दिया। वहां से परिजन घर लाए। छात्रा में कोर्ट में अपने बयान में अगवा करने में शानू नदीम को मो.एजाज का साथ देने की बात बताई थी। मामले में पुलिस ने पिछले वर्ष 28 मार्च को चार्जशीट दाखिल की थी।
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