Muzaffarpur-Chhapra New Rail Line Project Accelerates After 17 Years सत्रह साल से अटकी मुजफ्फरपुर-छपरा नई रेल लाइन का शुरू होगा काम, Muzaffarpur Hindi News - Hindustan
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सत्रह साल से अटकी मुजफ्फरपुर-छपरा नई रेल लाइन का शुरू होगा काम

हिन्दुस्तान विशेष : - ड्रोन से टोपोग्राफिकल सर्वेक्षण कर यातायात और जमीन अधिग्रहण के

Newswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुरTue, 9 Sep 2025 05:40 PM
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सत्रह साल से अटकी मुजफ्फरपुर-छपरा नई रेल लाइन का शुरू होगा काम

मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता, सोमनाथ सत्योम। सत्रह साल से अटकी मुजफ्फरपुर-छपरा नई रेल लाइन परियोजना में तेजी आयी है। इसके लिए पूमरे ड्रोन से टोपोग्राफिकल सर्वेक्षण कराएगा। पश्चिम बंगाल की कंपनी को सर्वेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रेलवे इस सर्वे पर 1.18 करोड़ से अधिक की राशि खर्च करेगा। कंपनी मुजफ्फरपुर-छपरा नई रेल लाइन के लिए यातायात और जमीन अधिग्रहण का अध्ययन कर रिपोर्ट देगी, जिसे पूमरे के माध्यम से रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा। मालूम हो कि बीते बजट में भी केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए रेलवे को साढ़े तीन सौ करोड़ से अधिक की राशि दी थी।

इसके अलावा बिहार दौरे के दौरान रेलवे बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष सतीश कुमार ने भी कहा था कि पूमरे के अधीन की पुरानी रेल परियोजनाओं के लिए पैसे की कमी नहीं है। जीएम के साथ मुजफ्फरपुर-छपरा नई रेल लाइन परियोजना की समीक्षा की गई थी। अब पूमरे ने इसकी कवायद शुरू की है। इसे लेकर पूमरे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (सीएओ) के सचिव मंटू कुमार ने रिपोर्ट जारी की है। 2008 में केंद्र सरकार ने दी थी स्वीकृति : मुजफ्फरपुर-छपरा नई रेल लाइन की केंद्र सरकार ने 2008 में स्वीकृति दी थी। तब यह सिर्फ 400 करोड़ का प्रोजेक्ट था। अब यह 2600 करोड़ से अधिक का प्रोजेक्ट हो गया है। टोपोग्राफिकल सर्वेक्षण के बाद फिर बजट बढ़ने की संभावना है। नई रेल लाइन 84.65 किमी प्रस्तावित है। यह वर्तमान मुजफ्फरपुर-हाजीपुर-सोनपुर-छपरा रेलखंड से 28 किमी कम होगा। इससे छपरा तक रेल से पहुंच आसान होगी। इसके लिए मुजफ्फरपुर और छपरा के कई प्रखंडों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया बाकी है, जिससे प्रोजेक्ट लंबित है। संवेदक भी खड़े कर चुका है हाथ : जानकारी हो कि, योजना पुरानी होने की वजह से इस रेलखंड पर निर्धारित पुल-पुलिया निर्माण से संवेदक ने हाथ खड़े कर लिये है। संवेदक ने कुछ माह पहले टेंडर रद्द करने का आवेदन पूमरे को दिया था। हालांकि, अबतक उस आवेदन पर पूमरे ने संज्ञान नहीं लिया है। कंपनी को अबतक डीपीआर और जमीन अधिग्रहण से संबंधित दस्तावेज तक रेलवे मुहैया नहीं करा सकी है। इससे संवेदक काम कराने में असमर्थता जता रहा है।

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