एमएसएमई पर विशेष ध्यान से उद्यमी उत्साहित
उत्तर बिहार वाणिज्य एवं उद्योग परिषद ने केंद्रीय बजट की सराहना की है। परिषद के अध्यक्ष ने इसे विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया। बजट में शिक्षा, रक्षा और एमएसएमई पर जोर दिया गया है। सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट से मध्यम वर्ग को राहत मिली है।

मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। उत्तर बिहार वाणिज्य एवं उद्योग परिषद के पदाधिकारियों ने बजट की सराहना की। परिषद अध्यक्ष श्याम सुंदर भीमेसेरिया ने केंद्रीय बजट की सराहना की। उन्होंने इस बजट को लोक लुभावन नहीं, विकसित भारत 2047 की दृष्टि से अहम बताया। बजट में जीविका समूह के लिए प्रत्येक जिले में शीमार्ट, गर्ल्स होस्टल विश्व पटल के परिदृश्य को देखते हुए रक्षा बजट में बढ़ोतरी शिक्षा के बजट में दोगुना कर देना, टेक्सटाइल, पशुपालन एवं एमएसएमई पर विशेष ध्यान दिया गया है। बिहार के परिप्रेक्ष्य में सात फास्ट ट्रैक कोरिडोर में से एक वाराणसी से सिल्लीगुड़ी तक जाने से इसका सीधा लाभ बिहार को मिलेगा।
वहीं, सज्जन शर्मा ने बताया कि सोना चांदी गरीब और मध्य वर्ग के मांगलिक कार्यों के लिए भी अनिवार्य होता है। इसलिए इनकी कीमतों को स्थिर करने को नियम बननी चाहिए। वहीं, परिषद के पूर्व अध्यक्ष पुरुषोत्तमलाल पोद्दार ने बताया कि वन नेशन वन टैक्स का वादा तीन कार्यकाल में भी पूरा नहीं हो सका। इसका व्यवासायियों को नुकसान हो रहा है। परिषद के महामंत्री प्रमोद कुमार जाजोदिया ने कहा कि बजट मध्यम वर्ग और वरिष्ठ नागरिक के लिए नहीं दिखता। वहीं, अनिल कुमार ने कहा कि टेक्सटाइल को फायदा हुआ, मगर इसका लाभ व्यापारी को नहीं मिला। सीए सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा कि बजट में विदेश जाने वाले लोगों को पांच फीसदी से घटकर दो फीसदी टीसीएस लगने से विदेश जाना आसान होगा। सीए रोहित पोद्दार ने कहा कि सात प्रकार के गंभीर बीमारी की दवा सस्ता होने से मध्यम वर्गीय परिवार को राहत मिलेगा। नवल किशोर अग्रवाल ने बताया कि अब इनकम टेक्स का रिर्टन 31 जुलाई तक दाखिल कर सकेंगे। रवि मोटानी व राजीवलाचन गुप्ता ने बजट से सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट से राहत मिली है। दिलीप तुलस्यान ने कहा इस बार बजट में जीवन उपयोगी दवा सस्ता किया गया है यह सराहनीय है। डॉ. रमेश कुमार केजरीवाल ने कहा कि इस बार के बजट से बाहर के निवेशकों की संख्या बढ़ेगी। पर्यटन, स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया है। भरत अग्रवाल ने कहा कि केन्द्र सरकार एमएसएमई में 10 हजार करोड़ का बजट लाया है। अब बिहार पर निर्भर करता है कि इसका कितना लाभ उठा सकेंगे। खाद्यान्न पालिसी में एकरूपता होनी चाहिए लक्ष्मण अग्रवाल ने कहा कि देश में खाद्यान्न पॉलिसी राज्यों में अलग-अलग है, इसमें एकरूपता होनी चाहिए। अरुण कुमार ने कहा कि बजट में पिछले बजट की चर्चा नहीं हुई कि कितना आया और कितना खर्च हुआ। यह बताना चाहिए था। कहा कि रेलवे बजट उत्साह भरा होता था, मगर अब संयुक्त बजट होने से रेलवे की सूचना दब जा रहा है। अशोक नेमानी ने कहा कि बजट में विकसित भारत की झलक दिखाई पड़ रहा है।

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