Hindi NewsBihar NewsMuzaffarpur NewsMuzaffarpur Bus Terminal Project Delayed Chaos and Traffic Woes Persist
कछुआ चाल से बन रहा बस टर्मिनल सुविधाओं की आस में काट रहे कष्ट

कछुआ चाल से बन रहा बस टर्मिनल सुविधाओं की आस में काट रहे कष्ट

संक्षेप:

मुजफ्फरपुर में इंटीग्रेटेड बस टर्मिनल का निर्माण धीमी गति से हो रहा है, जिससे यात्रियों और दुकानदारों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कार्य पूरा करने के लिए कई बार समय सीमा बढ़ाई गई है, लेकिन हालात में सुधार नहीं हो रहा है। धूल-धुआं और जाम से स्थानीय लोग परेशान हैं।

Nov 17, 2025 06:12 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
share Share
Follow Us on

मुजफ्फरपुर। यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बस टर्मिनल देने का वादा कछुआ चाल से चल रहा है। 15 माह में पूरा होने वाला प्रोजेक्ट दो बार एक्सटेंशन मिलने के बाद तीन साल में मुकम्मल नहीं हो सका है। इधर, राहत की उम्मीद में बैरिया बस स्टैंड में बसों के कर्मचारी, दुकानदार से लेकर यात्री तक कष्ट काट रहे हैं। बस टर्मिनल के जारी निर्माण कार्य के कारण जगह कम पड़ने से बसें सड़क पर खड़ी हो रही हैं। यहीं सवारी को चढ़ाया-उतारा जा रहा है, जिससे धूल-धुआं के अलावा जाम ने आसपास के लोगों का जीना दूभर कर दिया है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

रोज-रोज के जाम ने बैरिया गोलंबर से दादर पुल तक को अपनी जद में ले लिया है। बारिश हो जाने पर बस स्टैंड के अंदर कीचड़-पानी से स्थिति बदतर हो जाती है। दुकानदारों की दुकानदारी प्रभावित हो रही है। समस्याओं से जूझ रहे लोगों का कहना है कि तेजी से इंटीग्रेटेड बस टर्मिनल का निर्माण कार्य पूरा हो, ताकि व्यवस्था पटरी पर लौटे। उत्तर बिहार की अघोषित राजधानी माने जाने वाले मुजफ्फरपुर शहर में यातायात व्यवस्था दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। बैरिया में इंटीग्रेटेड बस टर्मिनल निर्माण काफी सुस्त गति से हो रहा है, जिसके कारण लंबे समय से लोग परेशानियों का सामना कर रहे हैं। बता दें कि 31 मार्च 2022 में इसका कार्यादेश हुआ। जनवरी 2024 में काम शुरू हुआ और इस साल मार्च 2025 तक काम पूरा कर देना था। काम पूरा नहीं होने पर मई 2025 तक का एक्सटेंशन दिया गया, हालांकि एजेंसी की सुस्ती के कारण अब तक काम पूरा नहीं हो सका है। विस्तारित समय सीमा 30 नवंबर 2025 तक है। अब तक सिर्फ टर्मिनल भवन (बेसमेंट व ग्राउंड फ्लोर) और बाउंड्री का ही काम पूरा हुआ है। कई स्तरों पर फिनिशिंग बाकी है। जबकि, इस प्रोजेक्ट को 15 माह में ही पूरा करना था। बीते तीन साल में बिहार शहरी अवसंरचना विकास मिशन ने कई बार निर्माण राशि में कटौती के साथ प्रोजेक्ट में तब्दीली की। इसके बावजूद 15 महीने का प्रोजेक्ट तीन साल में पूरा नहीं हो सका।

स्मार्ट सिटी ने निर्माण एजेंसी को चेतावनी तक दी है। कार्य में तेजी लाने को हिदायत देते हुए कहा है कि तेजी से निर्माण पूरा नहीं किया गया तो जुर्माना भी लगाया जाएगा। इसके निर्माण में विलंब से मुजफ्फरपुर के साथ उत्तर बिहार के कई जिले और नेपाल तक के यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बैरिया बस स्टैंड इलाके के दुकानदारों, मुसाफिरों और बसों के बुक-हॉकर ने निर्माण में देरी से होने वाली परेशानी पर खुलकर अपनी बात रखी। मांग की कि बस टर्मिनल का निर्माण यथाशीघ्र हो, ताकि बारिश के दौरान जलजमाव से निजात मिल सके और आधुनिक सुविधाओं का लोग उपयोग कर सकें।

गौरीशंकर सिंह, उमेश पाठक, बीरेंद्र ठाकुर, संजय कुमार, अधिवक्ता अशोक कुमार सिंह ने बताया कि शहर में बैरिया सबसे जाम और धूल-धुआं के कारण प्रदूषित इलाका बनता जा रहा है। लोगों ने कई बार प्रशासन से इसकी शिकायत भी की, लेकिन इसपर संज्ञान नहीं लिया जा सका है। दिनेश गुप्ता, राज कुमार गुप्ता, राहुल कुमार, कैलाश ठाकुर, चंद्रमणी तिवारी, राकेश कुमार शाही, आयुष कुमार ने कहा जब से बैरिया बस स्टैंड का निर्माण शुरू हुआ है, इसके बाद से बस स्टैंड के अंदर लगने वाली गाड़ियां बाहर सड़क पर लगने लगी हैं। इससे जाम की समस्या बढ़ हो गई है। गाड़ियां बेतरतीब लगी रहती हैं, लेकिन इसपर अंकुश नहीं लगाया जा रहा है, जिससे बस ऑपरेटरों की मनमानी जारी है। जहां मन हुआ, वहीं गाड़ी खड़ी कर पैसेंजर को चढ़ाने-उतारने लगे हैं। इससे जाम के साथ प्रदूषण का स्तर भी बढ़ने लगा है। आसपास के मोहल्ले के लोग भी प्रभावित होने लगे हैं। बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ने लगा है। ज्यादातर को सांस की बीमारी की शिाकयत है। बैरिया गोलंबर से लेकर दादर पुल तक जाम से यातायात व्यवस्था बेपटरी हो गई है। रोज स्कूली बच्चे से लेकर नौकरीपेशा तक को जाम से जूझना पड़ रहा है।

बोले जिम्मेदार :

काम में देरी को संविदात्मक दायित्वों का उल्लंघन माना जाएगा। एजेंसी को बिना किसी और बहाने या देरी के कार्य प्रगति में पर्याप्त सुधार सुनिश्चित करने को कहा गया है। इन निर्देशों का पालन नहीं करने पर अनुबंध की शर्तों के तहत उचित दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

- प्रेम कुमार, सीनियर मैनेजर, एमएससीएल