जिले में हजार पुल-पुलिया खस्ताहाल, 73 की रबर सील और 740 के एक्सपेंशन ज्वाइंट खराब
मुजफ्फरपुर में पुल-पुलियों की स्थिति गंभीर है। पथ प्रमंडल संख्या-एक में करीब 1000 पुल-पुलिया खराब स्थिति में हैं। 73 पुलों की रबर सील खराब हो चुकी है, 740 पुलों के एक्सपेंशन ज्वाइंट सील खराब हैं, और 188 पुलों की नीचे की पाइप भी खराब है। 250 मीटर से लंबे 9 पुलों की हालत विशेष रूप से चिंता का विषय है।

मुजफ्फरपुर, विशेष संवाददाता। जिले में शहर से गांवों तक पुल-पुलिया की हालत खस्ता है। शहरी क्षेत्र और इससे सटे ग्रामीण इलाकों के मुजफ्फरपुर पथ प्रमंडल संख्या- एक में करीब एक हजार पुल-पुलिया खराब स्थिति में हैं। सूबे के पुल-पुलियों का हेल्थ कार्ड बनाने के दौरान यह गंभीर स्थिति सामने आई है।
पुलों की खराब स्थिति
रिपोर्ट के अनुसार पथ प्रमंडल संख्या-एक के 73 पुल-पुलिया की रबर सील खराब हो चुकी है। रबर सील खराब होने के कारण पुल की दीवारों में दरार आने और बड़े खतरे की आशंका है। इसके अलावा, 740 पुल-पुलिया ऐसे हैं, जिनके एक्सपेंशन ज्वाइंट सील खराब हो चुके हैं। एक्सपेंशन ज्वाइंट सील खराब होने से पुल पर चलने वाले वाहनों को झटका लगता है। इससे पुल के गर्डर को क्षति पहुंचती है। इसके साथ ही, 188 पुल-पुलिया ऐसे हैं, जिनके नीचे की पाइप खराब हो चुकी है। इस कारण जल निकासी प्रभावित है। इससे जलजमाव के कारण पुल-पुलिया को क्षति हो रही है। वहीं, 280 पुल-पुलिया के सरिया में खराबी आ चुकी है।
250 मीटर से लंबे 9 पुलों की हालत खराब
खस्ताहाल इन पुल-पुलिया में सेÈ 250 ¸मीटर से अधिक लंबाई वाले 9 बड़े पुल, 60 से 250 मीटर लंबाई वाले 19 और छह से 60 मीटर तक लंबाई वाले 53 पुल-पुलिया शामिल हैं। अनदेखी की गई तो इन पुल-पुलिया पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बता दें कि अभी पथ प्रमंडल संख्या-दो के करीबÞÞ 11 सौ पुल-पुलिया और ग्रामीण कार्य विभाग के अधीन आने वाले पुल-पुलिया की सर्वे रिपोर्ट आनी बाकी है। राज्य सरकार के निर्देश के बाद जिले में पुल-पुलियों का हेल्थ कार्ड बनाया जा रहा है। इस क्रम में शहर और शहर से सटे पथ प्रमंडल संख्या एक के अधीन आने वाले पुल-पुलियों की यह हालत मिली है। इसके अलावा पथ प्रमंडल संख्या दो और ग्रामीण कार्य विभाग के पुल-पुलियों का सर्वे अभी पूरा ही नहीं हुआ है और उसकी रिपोर्ट मुख्यालय को जाना बाकी है।
दादर पुल 50, माड़ीपुर पुल महज 30 साल पुराना
जिला प्रशासन ने शहर के दो पुलों पर भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने की अनुमति दी है। इनमें दादर पुल 50 वर्ष से पुराना और माड़ीपुर पुल करीब 30 साल का ही हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मोतीझील फ्लाईओवर और आमगोला आरओबी की बनावट में गड़बड़ी के कारण जहां एक पुल का ज्वाइंट सस्पेंशन खराब हो गया, वहीं दूसरे के ढलान में गड़बड़ी आ चुकी है। इसके अलावा, जिन पुलो का सर्वे किया गया है, उनमें महुआ रोड में कदाने नदी पर स्थित हाई लेबल ब्रिज, सिहो-बरियारपुर रोड स्थित हाई लेबल ब्रिज, गरहा हथौड़ी रोड में दो 12 वर्ष पुराने और दो-दो वर्ष पुराने पुल, मुजफ्फरपुर-पूसा रोड में सात वर्ष पुराने पुल, कनौजर घाट दुबहा रोड स्थित तीन वर्ष पहले बना पुल, मुजफ्फरपुर देवरिया रोड व साहेबगंज बंगराघाट रोड पुल के नाम शामिल हैं। इसके अलावा, मोतीझील फ्लाईओवर और रेवा रोड भगवानपुर आरओबी, मैठी बखरी पिलखी रोड स्थित पुल, बरुराज-बर्जी पुल, सरैया-मोतीपुर रोड स्थित पुल भी इसमें शामिल है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखक के बारे में
Kundan Kumarशॉर्ट बायो: कुंदन कुमार पिछले 21 साल से पत्रकारिता कर रहे हैं। वर्तमान समय में हिन्दुस्तान के सिटी टीम का नेतृत्व बतौर चीफ रिपोर्टर कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
कुंदन कुमार हिंदी पत्रकारिता का एक प्रतिष्ठित नाम है। जिन्हें पत्रकारिता में 21 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान मुजफ्फरपुर में सिटी रिपोर्टिंग टीम को लीड कर रहे हैं। प्रशासनिक खबरों पर इनकी मजबूत पकड़ है।
करियर का सफर
कुंदन ने अपने करियर की शुरुआत 2005 में प्रभात खबर से की थी। उन्होंने राष्ट्रीय सहारा में भी काम किया और सिटी केबुल में बतौर न्यूज एंकर काम किया है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और प्रशासनिक रिपोर्टिंग
कुंदन B.Sc (केमेस्ट्री) और मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमाधारी हैं। प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ के कारण सरकारी योजनाओं, आदेश निर्देश आदि की अच्छी परख है और इसपर इन्होंने बेहतरीन काम किया है।
विजन
प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता के हिसाब से पक्की खबरे प्रस्तुत करना और खबरों को आम लोगों के लिए उपयोगी और जानकारी परक बनाना इनका उद्देश्य है।
विशेषज्ञता
विशेष मौकों और घटनाओं की तथ्यपरक रिपोर्टिंग करना और टीम की खबरों को मानक पर कसने में ये दक्ष हैं। बड़ी घटनाओं में कवरेज की रूपरेखा तुरंत तैयार करना और उन्हें धरातल पर उतारना भी इनकी खास विशेषता है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


