बच्चों को खिलाने से पहले नहीं चखा जा रहा भोजन

हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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मुजफ्फरपुर में मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा में यह पाया गया कि भोजन को बच्चों को खिलाने से पहले चखा नहीं जा रहा है। निदेशक विनायक मिश्र ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि भोजन चखने वाले शिक्षक का नाम रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। यह योजना बच्चों में कुपोषण की दर कम करने के लिए है।

बच्चों को खिलाने से पहले नहीं चखा जा रहा भोजन

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। केंद्रीयकृत रसोई से लेकर स्कूलों में बनने वाले भोजन को बच्चों को खिलाने से पहले चखा नहीं जा रहा है। मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा में यह सामने आया है। इसके बाद मध्याह्न भोजन योजना निदेशक विनायक मिश्र ने सभी जिले के डीपीओ से जवाब मांगा है।

रजिस्टर में भोजन चखने वाले शिक्षक का रहेगा नाम

निदेशक मिश्र ने सभी जिलों से कहा है कि भोजन किसने चखा, इसे हर दिन रजिस्टर पर दर्ज किया जाएगा। सरकारी स्कूलों में दो तरह से मध्याह्न भोजन योजना चलाई जा रही है। कुछ स्कूल ऐसे हैं, जहां भोजन बन रहा है, जबकि कुछ में केन्द्रीयकृत रसोईघर से बनवा कर भेजा जा रहा है। केन्द्रीयकृत रसोई एनजीओ के माध्यम से चलाई जा रही है। निदेशक ने कहा है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों में कुपोषण की दर में कमी लाना है, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके। वर्तमान में कई जिलों में मध्याह्न भोजन के संचालन में गड़बड़ी की जा रही है।

भोजन बनाने से लेकर रखने वाले जगह भी बेहद गंदे

निदेशक ने कहा है कि स्वयंसेवी संस्था के प्रतिनिधि जिनके द्वारा मध्याह्न भोजन विद्यालयों में उपलब्ध कराया जाता है, वे नियमानुसार भोजन चखकर ही आपूर्ति करेंगे। यह भी ध्यान रखेंगे कि जहां भोजन भंडारित किया जा रहा है वह बर्तन एवं स्थान बिल्कुल साफ-सुथरा एवं सुरक्षित हो। यदि ऐसा नहीं पाया जाता है तो संस्था के प्रतिनिधि अविलंब प्रधानाध्यापक को सूचित करेंगे। केन्द्रीयकृत रसोईघर में तैयार भोजन को संस्था के प्रतिनिधि चखने के बाद ही विद्यालयों को आपूर्ति करेंगे। इस प्रक्रिया को संस्था केन्द्रीयकृत रसोईघर पर पंजी में तिथिवार संधारित रखेंगे ताकि यह स्पष्ट रहे कि भोजन आपूर्ति के पूर्व भोजन को चखा गया है और किसने चखा है।

प्रायः यह पाया जा रहा है कि विद्यालय में मध्याह्न भोजन बनाये जाने का स्थान गंदा रहता है और स्वयंसेवी संस्था से प्राप्त किये जाने वाले भोजन को भी असुरक्षित स्थान पर भंडारित किया जाता है। इस प्रकार की स्थिति में भोजन संक्रमित होने की संभावना बनी रहती है। आगे यदि ऐसा पाया जाता है तो दोषी के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

सामान्य प्रश्न

केंद्र सरकार ने भोजन चखने के लिए क्या निर्देश दिए हैं?
केंद्र सरकार ने निर्देश दिया है कि भोजन को बच्चों को खिलाने से पहले चखा जाए और इसे रजिस्टर में दर्ज किया जाए।
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