
बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों में छात्रों को मिलेंगे मेंटर
-पटना में प्राचार्यों के साथ बैठक के बाद विज्ञान प्रद्योगिकी विभाग ने दिया निर्देश
मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। एमआईटी समेत बिहार के सभी इंजीनियिरंग कॉलेजों में छात्रों के लिए मेंटर समूह बनाए जाएंगे। इसका निर्देश विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग ने सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों को दिया है। पिछले दिनों पटना में हुई प्राचार्यों के साथ बैठक में यह फैसला लिया गया। इंजीनियरिंग कॉलेजों में ये मेंटर छात्रों को पढ़ाई के साथ प्लेसमेंट भी मदद करेंगे। इसके अलावा सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों को निर्देश दिया गया कि वे कॉलेज, हॉस्टल और प्रशासनिक भवनों के पास सीसीटीवी कैमरे लगाएं। बेल्ट्रॉन के माध्यम से सभी कॉलेजों को लीज लाइन के माध्यम से इंटरनेट कनेक्शन दिया जाएगा। इसके अलावा सभी इंजीनियिरंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में छात्रों से फीडबैक भी लिया जाएगा।

फीडबैक में छात्रों से कॉलेज में पढ़ाई, हॉस्टल और अनुशासन के बारे में जानकारी ली जाएगी। मेंटर का काम छात्रों के करियर गाइडेंस का भी होगा। छात्र सही दिशा में रोजगार के लिए प्रयास करें मेंटर इस पर ध्यान देंगे। लिखित परीक्षा से लेकर इंटरव्यू तक छात्रों की सही तैयारी हो इसके लिए भी वे छात्रों को निर्देशित करते रहेंगे। वे इंजीनियरिंग कॉलेजों में छात्रों की प्रतिभा को तरासेंगे। छात्र अगर किसी तकनीकी ज्ञान की जानकारी रखता है तो उसे उस चीज में दक्ष बनाने में मदद करेंगे। इसके अलावा छात्रों को अन्य चीजों में हुनरमंद बनाने का काम भी मेंटर करेंगे। वे देखेंगे कि छात्र अंदर से मजबूत हो और उसमें किसी भी तरह का कोई भय नहीं रहे। छात्र को उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली तकनीक के बारे में भी मेंटर जानकारी देंगे। छात्रों को इंटर्नशिप दिलाने से लेकर नौकरी के लिए रिज्यूमे बनाने तक में मदद करेंगे। छात्रों का स्किल असेसमेंट भी करेंगे और देखेंगे कि उनमें कितना तकनीकी विकास हुआ है। मेंटर का काम पहले से अंतिम वर्ष तक तक छात्रों को पढ़ाई के साथ नौकरी के लिए पूरी तरह से तैयार करना होगा।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




