छह माह के प्रशिक्षण के बाद एमबीबीएस डॉक्टर कर सकेंगे अल्ट्रासाउंड
मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। स्वास्थ्य विभाग ने एमबीबीएस डॉक्टरों के लिए अल्ट्रासाउंड करने के नियमों में बदलाव किया है। अब डॉक्टर छह महीने का प्रशिक्षण लेकर अल्ट्रासाउंड कर सकेंगे। यह प्रशिक्षण 300 घंटे का होगा और विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में किया जाएगा। प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद डॉक्टर अल्ट्रासाउंड का कार्य कर सकेंगे।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। एमबीबीएस डॉक्टर भी अब छह महीने का प्रशिक्षण लेकर अल्ट्रासाउंड कर सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने इस बारे में मेडिकल कॉलेजों और जिला स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा है। यह प्रशिक्षण 300 घंटे का होगा और सभी मेडिकल कॉलेजों में होगा। अब तक वर्ष 2018 के नियम के अनुसार एमबीबीएस डॉक्टरों के अल्ट्रासाउंड करने पर रोक थी। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने नियम में बदलाव करने के साथ सभी मेडिकल कॉलेजों में अल्ट्रासाउंड प्रशिक्षण के लिए सीटें भी तय कर दी है। सबसे अधिक आईजीआईएमएस में 36 सीटें तय की गईं हैं। इसके अलावा अनुग्रह नारायण मेडिकल कॉलेज में 4, पावापुरी मेडिकल कॉलेज में 4, दरभंगा मेडिकल कॉलेज में 8, राजकीय मेडिकल कॉलेज, बेतिया में 4, , भागलपुर मेडिकल कॉलेज में 8, नालंदा मेडिकल कॉलेज में 12, पटना मेडिकल कॉलेज में 16 और श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज, मुजफ्फरपुर में 4 सीटें प्रशिक्षण के लिए तय की गईं हैं। एसकेएमसीएच की प्राचार्य प्रो कुमारी विभा का कहना है कि विभाग के निर्देश का अध्ययन किया जा रहा है।
स्त्री रोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट की देखरेख में होगी ट्रेनिंग
स्वास्थ्य विभाग ने एमबीबीएस डॉक्टरों का प्रशिक्षण स्त्री रोग विशेषज्ञ और रेडियोलाजिस्ट की देखरेख में कराने का निर्देश दिया है। प्रशिक्षण के दौरान थ्योरी और प्रैक्टिकल, दोनों तरह की कक्षाएं होंगी। विभाग ने प्रशिक्षण के लिए निदेशक प्रमुख के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया है। टीम इसपर नजर रखेगी कि डॉक्टर प्रशिक्षण ले रहें या नहीं। टीम में अपर निदेशक, बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विवि के कुलपति, निदेशक, स्वास्थ्य शिक्षा, विभागाध्यक्ष रेडियोलॉजी एनएमसीएच, विभागाध्यक्ष स्त्री व प्रसूती रोग पीएमसीएच, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी और विवि के परीक्षा नियंत्रक शामिल हैं। विभाग ने निर्देश दिया है कि जो डॉक्टर तीन प्रयासों में भी दक्षता-मूल्यांकन परीक्षा (सीबीए) पास नहीं किए हैं, वह भी छह महीने का प्रशिक्षण ले सकेंगे। प्रशिक्षण के बाद डॉक्टरों को प्रमाण पत्र मिलेगा।
कई एमबीबीएस डॉक्टरों के केंद्रों का रुका है नवीनीकरण
सरकार से निर्देश आने से पहले तक अभी कई एमबीबीएस डॉक्टरों के अल्ट्रासाउंड केंद्रों का नवीनीकरण जिला स्वास्थ्य विभाग ने रोका है। विभाग ने इस मसले पर मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा है। मार्गदर्शन मिलने के बाद ही विभाग इन केंद्रों का नवीनीकरण करेगा। इससे पहले जिला स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मासिक रिपोर्ट नहीं देने वाले अल्ट्रासाउंड केंद्रों को नोटिस भी किया था।
नौकरी पटना में, मुजफ्फरपुर में चला रहे अल्ट्रासाउंड सेंटर
पटना में नौकरी करने वाले कई डॉक्टर मुजफ्फरपुर जिले में अल्ट्रासाउंड केंद्र चला रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की जांच में यह बात सामने आयी है। जांच मे मामला सामने आने के बाद इन डॉक्टरों के अल्ट्रासाउंड केंद्रों के नवीनीकरण पर रोक लगा दी गई है। विभाग का कहना है कि जब तक मुख्यालय से इस बारे में कोई दिशा निर्देश नहीं आता है, तब तक नवीनीकरण नहीं किया जायेगा। सूत्रों के मुताबिक दर्जन भर ऐसे डॉक्टर अल्ट्रासाउंड चला रहे हैं जो मुजफ्फरपुर से बाहर सरकारी नौकरी करते हैं।
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लेखक के बारे में
Mrityunjay Kumarशॉर्ट बायो: मृत्युंजय कुमार पिछले 17 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में हेल्थ और हायर एजुकेशन बीट पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
मृत्युंजय कुमार, जिन्हें पत्रकारिता में 17 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में हेल्थ और हायर एजुकेशन की रिपोर्टिंग कर रहे हैं। 2021 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
मृत्युंजय ने अपने करियर की शुरुआत 2009 में हिन्दुस्तान पटना से की। इसके बाद नई दुनिया दिल्ली, अमर उजाला नोएडा और गोरखपुर, हिन्दुस्तान गोरखपुर, दैनिक जागरण पटना, हिन्दुस्तान भागलपुर, प्रभात खबर मुजफ्फरपुर और अब हिन्दुस्तान मुजफ्फरपुर में काम कर रहे हैं। वर्ष 2014 में दैनिक जागरण में इन्हें डिजिटल बिहार प्रभारी बनाया गया। इसके बाद दैनिक जागरण पटना के सिटी जागरण टीम का प्रभारी बनाया गया।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मेडिकल रिपोर्टिंग
पीजी हिन्दी, दिल्ली विश्वविद्यालय और प्रिंट पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा।
विशेषज्ञता
हेल्थ, एजुकेशन, कला संस्कृति, साहित्य
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