
करोड़ों की लूट में धराए शातिर का सीवान से मिला सुराग
मध्यप्रदेश के मंडला जिले में दो करोड़ के आभूषण लूटकांड के मास्टरमाइंड मो. खालिद अंसारी को सीवान से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और खालिद ने स्वीकार किया कि इस लूट में उसके नौ साथी शामिल थे। उसने बताया कि लूट की योजना 19 नवंबर को बनाई गई थी।
मुजफ्फरपुर, हिप्र। मध्यप्रदेश के मंडला जिला के मंडला कोतवाली थाना में हुए दो करोड़ के आभूषण लूटकांड में गिरफ्तार मास्टरमाइंड मो. खालिद अंसारी के तार सीवान से जुड़ रहे हैं। मंडला पुलिस को जांच के क्रम में इस घटना में शामिल बदमाशों का लोकेशन सीवान में मिला था। इसके सत्यापन के बाद मंडला कोतवाली थाना की पुलिस की टीम वरीय पुलिस अधिकारियों से अनुमति लेकर 26-27 नवंबर को सीवान पहुंची थी। वहां से मिले सुराग के आधार पर मुजफ्फरपुर के बरुराज के रामपूर्वा अखाड़ा में छापेमारी कर मास्टर माइंड मो. खालिद अंसारी, पारू में ग्यासपुर से कृष्णा कुमार सिंह व सदर थाना के अतरदह में छापेमारी कर शशि कुमार को गिरफ्तार किया गया था।
28 नवंबर को इन तीनों को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने तीनों को मंडला कोर्ट में पेश करने के लिए 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर ले जाने की अनुमति दे दी थी। मो. खालिद ने पुलिस के समक्ष स्वीकारोक्ति बयान में बताया कि इस लूटकांड में उसके नौ साथी शामिल थे। उसके साथियों ने बताया था कि आभूषण दुकान में दो से ढाई किलो सोना है। इस जानकारी के बाद 16 नवंबर को कार से मंडला के लिए रवाना हुआ। 18 नवंबर को दुकान की रेकी कराई गई। 19 नवंबर को लूटने की साजिश की गई थी। 19 नवंबर को रात के आठ से साढ़े आठ बजे के बीच वहां पहुंचे तो दुकान बंद हो गई थी। अगले दिन शाम लगभग 7.15 बजे कार से दुकान के निकट पहुंचे। उस समय दुकान का स्टाफ आभूषण भरे दो बैग घर ले जाने के लिए व्यवसायी की कार में रख रहा था। उसे पिस्टल का भय दिखाकर दोनों बैग लूट लिया। इसके बाद कृष्णा दुकान में घुस कर ट्रे में रखे आभूषणों को मांगा। इसका विरोध करने पर आयुष सोनी को पैर में गोली मार दी। खालिद ने बताया कि घटना के बाद पुलिस जांच तेज हो गई थी। इससे बचने के लिए उसने आभूषणों को बिजाडाडी से पहले लोहे के बोर्ड के पास जंगल में सौगान के पेड़ के निकट जमीन में गाड़ दिया। मालूम हो कि खालिद ने वर्ष 2005 में फिरौती के लिए इंदौर के कार शोरूम के मालिक का अपहरण कर लिया था। इसमें उसे 18 वर्ष का कारावास हुआ था। इस मामले में लंबे समय तक सजा काटने के बाद उसे जमानत मिली थी। वहीं, 2021 में जेल में रहते उसने मध्यप्रदेश के रेवा के एक व्यवसायी का अपहरण कराया था। अपहरण के 46-47 दिनों के बाद उक्त व्यवसायी को बरुराज के रामपूर्वा अखाड़ा गांव स्थित मकान के एक कमरे से मुक्त कराया गया था।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




