
आरडीडीई तिरहुत के ठिकानों पर विशेष निगरानी इकाई का छापा
मुजफ्फरपुर में क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक वीरेंद्र नारायण सिंह पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशेष निगरानी इकाई द्वारा छापेमारी की गई। उन पर 3.75 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित करने का...
मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। आय से अधिक संपत्ति के मामले में क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (आरडीडीई) तिरहुत वीरेंद्र नारायण सिंह पर विशेष निगरानी इकाई पटना की टीम ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। आरडीडीई के मुजफ्फरपुर, पटना और पूर्णिया में ठिकानों पर छापेमारी सह तलाशी अभियान चलाया गया। टीम ने मुजफ्फरपुर में उनके कार्यालय और निजी आवास की तलाशी ली। शहर के खबड़ा रोड गली नंबर चार स्थित आवास से टीम दोपहर 3.44 बजे बाहर निकली। यहां निवेश से संबंधित कुछ कागजात मिलने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, वीरेंद्र नारायण पर तीन करोड़ 75 लाख 66 हजार रुपये से आय से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
दिसंबर 2024 में जब वह वैशाली में जिला शिक्षा अधिकारी थे तब उनके खिलाफ निगरानी ने मामला दर्ज किया था। इस मामले में निगरानी की टीम ने गुरुवार को एक साथ उनके सभी ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया। बताया जा रहा है कि उनके मुजफ्फरपुर स्थित कार्यालय व आवास, पटना के जगनपुरा स्थित आवास और पूर्णिया में निजी वाहन चालक के आवास में छापेमारी की गई। इस दौरान टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य संदिग्ध कागजी सबूतों को खंगाला। पटना स्थित आवास से कैश और गहने भी मिले हैं। आवास से पहले टीम ने सुबह में कार्यालय की तलाशी ली और फाइलों को खांगला। इसके बाद कार्यालय से दो कर्मी को साथ में लेकर टीम सुबह नौ बजे उनके आवास पर पहुंची। वीरेंद्र नारायण का इसी वर्ष फरवरी में वैशाली से स्थानांतरण हुआ था। प्रमोशन के बाद दो जून को वह आरडीडीई तिरहुत बन मुजफ्फरपुर में पोस्टेड हुए। उन पर कार्रवाई की खबर फैलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। कोलकाता में पोस्टेड बैंक मैनेजर के मकान में है आवास : खबड़ा रोड के गली नंबर चार में कोलकाता में पोस्टेड बैंक मैनेजर विकास कुमार का घर है। विकास परिवार समेत कोलकाता में रहते है। उनके नव निर्मित मकान में दो माह से वीरेंद्र नारायण किराये पर रह रहे हैं। छापेमारी के समय परिवार के साथ पटना में थे आरडीडीई : खबड़ा रोड में छापेमारी के समय आरडीडीई अपने परिवार के साथ पटना में थे। हालांकि, उनकी नई कार आवास के गैराज में लगी थी। दो कमरे की तलाशी ली गई और एक कमरा बंद था। इसकी चाबी पटना आवास पर थी। पटना से चाबी आने का टीम चार घंटे तक इंतजार करती रही। चाबी आने के बाद तीसरा कमरा खुला। इस कमरे से कुछ कागजात मिलने की चर्चा है।

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