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मक्का किसानों को नहीं मिल रहा उचित दाम

मक्का किसानों को नहीं मिल रहा उचित दाम

संक्षेप: मुजफ्फरपुर में मक्का किसानों को इस बार सही कीमत नहीं मिल रही है। पिछले वर्ष नवंबर में मक्के का भाव 25 सौ रुपये प्रति क्विंटल था, जबकि इस बार 17-18 सौ रुपये में खरीदारी हो रही है। इथेनॉल प्लांट के कारण मक्के की उपज बढ़ी है, परंतु कीमतें गिरने से किसानों की चिंताएँ बढ़ गई हैं।

Mon, 17 Nov 2025 11:11 PMNewswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। मक्का किसानों को इस साल सही कीमत नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। नवंबर माह में बीते वर्ष 25 सौ रुपये क्विंटल मक्के की कीमत थी। इस बार नवंबर में 17-18 सौ रुपये क्विंटल व्यापारी भाव लगाकर मक्के की खरीदारी कर रहे हैं। बोचहां सर्फुद्दीनपुर के व्यापारी सिद्धार्थ राज ने बताया कि मक्के का भाव पिछले एक माह से स्थिर है। कीमत नहीं बढ़ने से किसानों के साथ व्यपारियों को भी नुकसान हो रहा है। बाजार समिति के खाद्यान्न विक्रेता रामरेखा चौधरी ने बताया कि नवंबर माह में मक्के की दर 18 सौ रुपये क्विंटल अधिकतम है।

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इस बार उत्पादन बेहतर हुई है, मगर खरीदार भाव नहीं दे रहे हैं। चावल का भाव गिरने से मक्के के भाव में आई कमी : व्यापारी सिद्धार्थ राज ने बताया कि भारत में मक्का बाजार की स्थिति सरकार द्वारा भारतीय खाद्य निगम के चावल की बिक्री बढ़ने के कारण मक्के कीमत में गिरावट हुई है। बीते वर्ष की तुलना की जाए तो अभी मक्के पर सात सौ रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट हुई है। व्यापारियों ने कहा कि मक्के की खपत ज्यादातर इथेनॉल बनाने के काम में लिया जाता है मगर इस बार वहां भी कीमत नहीं मिल पा रही है। इथेनॉल प्लांट लगने से बढ़ गया मक्के की जिला में रकबा : बोचहां के अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि जबसे जिले में इथेनॉल की प्लांट स्थापित हुई। उसके बाद से किसानों को मक्के की सही कीमत मिलने लगी। शुरुआत 15 सौ रुपये क्विंटल भाव से हुई थी। उसके बाद धीरे-धीरे मक्के का भाव 25 सौ रुपये क्विंटल भी पार कर गया। इस बार मक्के की कीमत में गिरावट से किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। वहीं, कुढ़नी के किसान संजय कुमार ने बताया कि कीमत बढ़ने के इंतजार में हैं। व्यापारी 17 सौ रुपये कीमत लगा रहा है। विभागीय आंकड़े के अनुसार पहले जिले में 15 हजार हेक्टेयर में मक्के की खेती होती थी। वह बढ़कर 20 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया है।