‘बोले आज कबीर’ काव्य संग्रह का लोकार्पण
मुजफ्फरपुर में एक साहित्यिक समारोह के दौरान डॉ. पूनम सिंह ने डॉ. नंदकिशोर नंदन की नवीन काव्य कृति 'बोले आज कबीर' का लोकार्पण किया। कविताएं जीवन मूल्यों और सामाजिक विसंगतियों पर गहन चिंतन प्रस्तुत करती हैं। समारोह में कई साहित्यकारों ने अपनी बात साझा की और कृति को महत्वपूर्ण बताया।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। बोले आज कबीर काव्य संग्रह में कवि ने संत कबीर की वैचारिक परंपरा को समकालीन सामाजिक यथार्थ से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया है। पुस्तक की कविताएं जीवन मूल्यों, नैतिकता, मानवीय संवेदना तथा वर्तमान समय की सामाजिक विसंगतियों पर गंभीर चिंतन प्रस्तुत करती हैं। ये बातें शनिवार को कथाकार डॉ. पूनम सिंह ने हिंदी के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. नंदकिशोर नंदन के 81वें जन्मदिन पर आयोजित साहित्यिक समारोह में उनकी नवीन काव्य कृति बोले आज कबीर के लोकार्पण पर कहीं। समारोह के दौरान डॉ. नंदकिशोर ने अपनी रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। साहित्यकार रमेश ऋतंभर ने कहा कि कवि ने केवल आध्यात्मिकता तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि समाज में बढ़ती असमानता, स्वार्थ और धार्मिक आडंबर जैसे मुद्दों पर भी सशक्त प्रश्न उठाए हैं।
रंगकर्मी स्वाधीन दास ने कहा कि कविताओं में मानवीय करुणा, प्रेम और सामाजिक परिवर्तन की स्पष्ट आकांक्षा दिखाई देती है। संस्कृति कर्मी दिवाकर घोष ने इसे आत्ममंथन के लिए प्रेरित करने वाली तथा आधुनिक समय में कबीर के विचारों को पुनः प्रासंगिक बनाने वाली महत्वपूर्ण कृति बताया। इस अवसर पर उपेंद्र कोशिश, राकेश रीदर, विनिताभ कुमार, शैफाली नंदन, कृष्ण मोहन सहित अन्य वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



