
लोकतंत्र निरंतर आत्मसुधार की प्रक्रिया : प्राचार्य
मुजफ्फरपुर के ललित नारायण तिरहुत महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस पर राजनीतिक विज्ञान विभाग द्वारा विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता प्रो. अनिल कुमार ओझा ने लोकतंत्र के...
मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। ललित नारायण तिरहुत महाविद्यालय में सोमवार को अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर राजनीतिक विज्ञान विभाग द्वारा एकदिवसीय विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान का विषय, भारत और विश्व में लोकतंत्र: सहनशीलता, चुनौतियां और भविष्य था। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. ममता रानी ने की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र निरंतर आत्मसुधार की प्रक्रिया है। मुख्य वक्ता पूर्व विभागाध्यक्ष, विवि राजनीतिक विज्ञान विभाग प्रो. अनिल कुमार ओझा ने कहा कि लोकतंत्र की सार्थकता उसके निरंतर आत्मशोधन और चुनौतियों को स्वीकार कर उन्हें दूर करने की क्षमता में निहित है। कार्यक्रम की संयोजक व विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह ने मंच संचालन किया।

धन्यवाद ज्ञापन आयोजन सचिव डॉ. एनी जोया ने किया। कॉलेज में सोमवार को हिंदी विभाग की ओर से हिंदी पखवाड़ा का भी शुभारंभ किया गया। प्राचार्य ने कहा कि हिंदी राष्ट्रीय पहचान है। प्रथम दिन छात्रों के बीच निबंध, कविता लेखन, कहानी लेखन, यात्रा वृत्तांत लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन चित्तरंजन कुमार ने किया। कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना के सौजन्य से रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय युवा दिवस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में निर्णायक मंडल की भूमिका रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के महंत लीलामायानंद ने निभाई।

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