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फर्जीवाड़ा रोकने को बदला जाएगा रेल कर्मचारियों का पहचान पत्र

फर्जीवाड़ा रोकने को बदला जाएगा रेल कर्मचारियों का पहचान पत्र

संक्षेप:

रेलवे अपने पहचान पत्रों में बदलाव करेगा। स्थायी कर्मचारियों को पीला और संविदा कर्मियों को नारंगी रंग का पहचान पत्र दिया जाएगा। नए पहचान पत्रों पर QR कोड, कर्मचारी नंबर और आधार नंबर होगा। यह बदलाव फर्जी पहचान पत्रों के उपयोग को रोकने के लिए किया जा रहा है।

Dec 15, 2025 05:21 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता, सोमनाथ सत्योम। रेलवे अपने पहचान पत्र का गलत इस्तेमाल और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए इसमें बदलाव करेगा। रेलवे स्थाई और संविदा पर बहाल कर्मियों को अलग-अलग रंग और श्रेणियों के पहचान पत्र देगा। इसे लेकर रेलवे बोर्ड ने दिशा-निर्देश जारी किया है। रेलवे बोर्ड की प्रधान कार्यपालक निदेशक (आईआर) रेणु शर्मा ने इस संबंध में पत्र जारी किया है। इस संबंध में पूर्व मध्य रेलवे सहित सभी जोन के महाप्रबंधक, सभी केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान (मुजफ्फरपुर क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्थान) के प्राचार्य को पत्र भेजा गया है। साथ ही पहचान पत्र में बदलाव की जानकारी बोर्ड ने आरपीएफ को भी दी है।

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पत्र के साथ पहचान पत्र का प्रारूप भी दिया गया है, ताकि जोन नये कार्ड जारी कर सके। मालूम हो कि यह बदलाव देशस्तर पर किया जा रहा है। शनिवार को इस संबंध में रेलवे बोर्ड ने पत्र जारी किया है। पहचान पत्र पर होगा 12 अंकों का विशेष कोड : पत्र के अनुसार रेलवे स्थायी कर्मचारियों को पीला रंग का पहचान पत्र देगा। वहीं, विभिन्न विभागों में संविदा पर बहाल कर्मियों को नारंगी रंग का पहचान पत्र मिलेगा। दोनों पहचान पत्र पर क्यूआर कोड के साथ कर्मचारियों का नंबर और आधार कार्ड नंबर भी अंकित रहेगा। रेलवे के स्थायी कर्मचारियों के आइकार्ड पर 12 अंकों का विशेष नंबर होगा। इस पर कर्मचारी का जोन कोड, मंडल कोड, कैलेंडर ईयर के अंतिम दो अंक आदि अंकित रहेंगे। संविदा कर्मियों के कार्ड पर रहेगी पुलिस सत्यापन की तारीख : संविदा कर्मियों को पहले उनकी एजेंसी पहचान पत्र जारी करता था। अब इसे रेलवे जारी करेगा। कार्ड पर एजेंसी का नाम और पुलिस सत्यापन की तारीख अंकित रहेगी। इसपर इंट्री पास लिखा होगा, जिसपर कर्मी का नाम, विभाग, मोबाइल नंबर, फोटो आदि रहेगा। क्यूआर कोड में कर्मचारी का पूरा पता, एजेंसी का नाम, कॉन्ट्रैक्ट अवधि जैसी महत्वपूर्ण जानकारी अंकित रहेगी। फर्जी बहाली के नेटवर्क का हुआ था खुलासा : मुजफ्फरपुर जंक्शन पर सभी शिफ्ट में तकरीबन तीन हजार से अधिक स्थायी और संविदा कर्मी काम करते हैं। कुछ महीना पहले जंक्शन पर फर्जी पहचान पत्र लगाकर टिकट जांचते एक युवक को आरपीएफ ने पकड़ा गया था। पूछताछ में उसने बताया कि फर्जी पहचान पत्र साइबर कैफे से बनावाया और फीता बाजार से खरीदा था। इससे पहले सोनपुर स्टेशन पर भी रेल पुलिस ने फर्जी पहचान पत्र लटकाकर टिकट जांच करते कुछ युवकों को दबोचा था, जिसके बाद रेलवे में फर्जी बहाली नेटवर्क का खुलासा हुआ था। इसमें सोनपुर मंडल के एक अधिकारी पर भी गंभीर आरोप लगे थे।