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एनसीसी में बढ़ रही लड़कियों की भागीदारी, बहा रहीं पसीना

एनसीसी में बढ़ रही लड़कियों की भागीदारी, बहा रहीं पसीना

एनसीसी में लड़कियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। वे एनसीसी की सारी गतिविधियों में शामिल हो रही हैं और लड़कों को पहले से बेहतर चुनौती भी दे रही हैं। एलएस कॉलेज में जारी संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर में इसका नजारा दिख रहा है। करीब 600 कैडेटों में 200 लड़कियां हैं। ये लड़कियां विभिन्न जिलों के सुदूर गांवों से कैंप में पहुंची हैं। इनका परफॉरमेंस लड़कों से बेहतर है।

कैंप कमांडेंट सह 32 बिहार बटालियन एनसीसी मुजफ्फरपुर के सीओ कर्नल रामानुज सिंह और 34 बिहार बटालियन एनसीसी मधुबनी के सीओ सेना मेडल गणेश भट्ट शिविर में लड़कियों की भागीदारी से उत्साहित हैं। कैंप कमांडेंट ने कहा कि एनसीसी में लड़कियों की भागीदारी 25 से 40 फीसदी तक बढ़ी है। अब तक के कैंप में इस बार सबसे अधिक लड़कियां शामिल हुई हैं। यह आगे और बढ़ेगा।

कैंप में लड़कियों की सुरक्षा से लेकर सेहत तक के लिए विशेष इंतजाम किये गये हैं। महिला ट्रेनर से लेकर एनसीसी पदाधिकारी भी महिला प्रतिनियुक्त की गई हैं। इससे पहले वाले कैंपों में 100 से 125 लड़कियां शामिल होती थीं। इस प्रशिक्षण शिविर में मुजफ्फरपुर के अलावा मोतिहारी, दरभंगा, सीतामढ़ी, सीवान, गोपलगंज, वैशाली, समस्तीपुर के करीब 600 गर्ल्स व ब्वॉयज कैडेट शामिल हैं।

फायरिंग में लड़िकयां बेहतर हैं लड़कों से:

कैंप कमांडेंट ने बताया कि लड़के और लड़कियां दोनों को एक ही तरह की जानकारी दी जा रही है। उनसे एक प्रकार के ही ड्रिल और अभ्यास कराये जा रहे हैं। लड़कों की अपेक्षा लड़कियां अधिक ध्यान से जानकारी लेती हैं। वे कुछ भी जानने के लिए उत्साहित रहती हैं। फायरिंग में भी लड़कों से लड़कियां बेहतर हैं। इनकी एकाग्रता बेहतर है।

बेहतर करने वाले कैडेट सम्मानित:

एनसीसी के 32 बिहार बटालियन की ओर से एलएस कॉलेज परिसर के कम्युनिटी कॉलेज में चल रहे संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में शनिवार को कैडेटों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि के रूप में एनसीसी ग्रुप मुख्यालय मुजफ्फरपुर के निदेशक कर्नल पीके सिन्हा, ब्रिगेडियर नील कमल व कमांडर शशांक शेखर उपस्थित थे। उन्होंने कैंप में बेहतर प्रदर्शन करने वाले व रक्तदान करने वाले कैडेट्स को मेडल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस कैंप में उत्तर बिहार के दर्जन भर जिलों के करीब 600 कैडेट्स शामिल हुए। कैंप कमांडेंट सह समादेशी पदाधिकारी कर्नल रामनुज सिंह ने कहा कि दस दिनों मिली सीख समाज में बदलाव लाने में कारगर साबित हो सकती है। सेना मेडल कर्नल गणेश भट्ट व ले. राजेश रंजन ने भी अपनी बातें रखीं।

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  • Web Title:Increasing girls participation in NCC sweating sheds