अवैध अस्पताल में नवजात की मौत, हंगामा
सरैया में एक अवैध अस्पताल में नवजात की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया। मुखलाल सहनी ने आरोप लगाया कि रात में नर्स ने पैसे मांगे और इलाज में कोताही बरती गई। पुलिस ने अस्पताल की जांच की और इसे सील कर दिया। चिकित्सा अधिकारी ने लापरवाही को छिपाने का आरोप लगाया।

सरैया, हिन्दुस्तान संवाददाता। थाना क्षेत्र स्थित एक अवैध अस्पताल में नवजात की मौत पर परिजनों ने गुरुवार की सुबह करीब आठ बजे सीएचसी पहुंचकर हंगामा किया। बसैठा पंचायत के गोसाई छपरा निवासी मुखलाल सहनी ने बताया कि पुत्री प्रियंका कुमारी (28) को बुधवार की देर रात करीब 11 बजे प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी में भर्ती कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि रात में नर्स ने पैसा मांगा, नहीं देने पर इलाज में कोताही बरती गई, जिस कारण नवजात की मौत हो गई। चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि गुरुवार की सुबह करीब पांच बजे बिना किसी सूचना के मरीज को बहला-फुसलाकर अवैध निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई।
हंगामे की सूचना पर सरैया थानेदार सह प्रशिक्षु आईपीएस प्रसन्ना कुमार एमवी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया, जिसके बाद परिजन वापस लौट गए।मामले को लेकर मुखलाल सहनी ने सरैया थाना में आवेदन दिया है। आवेदन में कहा है कि रात भर अस्पताल में भर्ती रहने के बाद भी पुत्री को कोई डॉक्टर और कर्मी देखने नहीं आये, जिसके बाद निजी अस्पताल में ले गए थे।इधर, पुलिस ने सीएचसी से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित निजी अस्पताल की जांच की। पुलिस ने रजिस्टर जब्त कर लिया। वहां भर्ती अन्य मरीजों से पूछताछ की। देर शाम राजस्व पदाधिकारी के निर्देश पर उक्त अस्पताल को सील कर दिया गया। पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही अस्पताल के कर्मी फरार हो गए। इधर, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि लापरवाही छिपाने के लिए निजी अस्पताल द्वारा सीएचसी को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। वरीय पदाधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है। विधायक शंकर प्रसाद यादव सीएचसी पहुंचकर पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी ली।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


