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कक्षा छोड़ नहीं भागते तो जाती कई मासूमों की जान

कक्षा छोड़ नहीं भागते तो जाती कई मासूमों की जान

ब्रह्मपुरा थाना के लक्ष्मी चौक स्थित महेश भगत राजकीयकृत मध्य विद्यालय, दाउदपुर में शनिवार को एलपीजी गैस रिसाव के कारण बड़ा हादसा हो सकता था। बच्चे कक्षा छोड़ नहीं भागते तो कई उनकी जान पर बन आती। शनिवार की देर शाम प्रधानाध्यापक हैदर अली आजाद ने थाने में लिखित शिकायत की है। इसमें गैस रिसाव के कारण छात्राओं की तबीयत बिगड़ने की बात कही है। प्रभारी थानाध्यक्ष एसपी सिंह ने बताया कि पुलिस टीम मौके पर गई थी। पुलिस घटना की जांच में जुट गयी है।

शनिवार को घटना के वक्त एक से आठवीं तक की कक्षाएं चल रही थीं। स्कूल में ढाई सौ बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। इनमें चौथी व छठी कक्षा को मिलाकर सौ बच्चे थे। कक्षा चार में एक ही दरवाजा व खिड़की होने से पूरा कमरा गैस से भर गया था। मासूम अपनी जान बचाने के लिए कॉपी-किताब कक्षा में छोड़ भागने लगे। गैस रिसाव के कारण विद्यालय में समय से पहले ही छुट्टी कर दी गई। रिसाव कम होने के बाद भी कई बच्चे कमरों में जाने से डर रहे थे।

शिक्षकों ने लिया सूझबूझ से काम:

रिसाव के दौरान स्कूल के शिक्षकों ने सूझबूझ से काम लिया। घटना के समय विद्यालय प्रांगण में मिड डे मील भी गैस चूल्हे पर ही तैयार हो रहा था। अचानक से बाहर से भारी मात्रा में रिसाव होने पर शिक्षकों ने सबसे पहले चूल्हे को बंद कराया।

साफ-सफाई कराने के लिए हंगामा:

विद्यालय में गैस रिसाव की सूचना मिलने पर अभिभावक व स्थानीय लोग पहुंचे। विद्यालय परिसर व शौचालय में साफ-सफाई कराने को लेकर हंगामा किया। आक्रोशितों का कहना था कि विद्यालय में साफ-सफाई का ख्याल नहीं रखा जाता है। पानी टंकी और शौचालय की वर्षों से सफाई नहीं हुई है। एक शौचालय में स्कूल प्रबंधन ताला लगाकर रखता है।

छात्र-छात्राओं ने फेंका खाना:

शिक्षकों ने दोपहर में बच्चों को मिड डे मील खिलाना शुरू किया था। गैस रिसाव से एक-एक कर चार छात्राएं बेहोश हो गईं। इसके बाद शिक्षक छात्राओं को अस्पताल ले जाने लगे। इस बीच अन्य छात्र-छात्राएं खाना फेंक स्कूल से बाहर निकल गये।

बेहोश छात्राओं को देख रोने लगीं सहेलियां:

छात्राओं को बेहोश होते देख उनकी सहेलियां रोने लगीं। इसमें कई तो फूट-फूटकर रोने लगी। मौजूद शिक्षिकाओं ने उनका ढांढ़स बंधाया। सभी को घर भेजा जाने लगा। बेहोश हुई छात्राओं के परिजनों को भी घटना की सूचना दी गई।

स्कूल की ओर दौड़े बदहवास अभिभावक:

घटना की सूचना पूरे इलाके में तुरंत फैल गई। स्कूल से लेकर अस्पताल तक अफरातफरी मची थी। अभिभावक बदहवास होकर विद्यालय की ओर दौड़ पड़े। वे अपने बच्चों को ढूंढ़कर विद्यालय से घर ले जा रहे थे। बेहोश छात्राओं के अभिभावक स्कूल से सीधे अस्पताल की ओर दौड़ पड़े।

ऑक्सीजन की कमी से बिगड़ी तबीयत:

अस्पताल में इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि गैस रिसाव के बीच ऑक्सीजन की कमी के कारण छात्राओं की स्थिति गंभीर हुई। ज्यादा देर तक गैस भरे कमरे में रहने से जान भी जा सकती थी। ऑक्सीजन की कमी के कारण ही उल्टी, सिर दर्द व सांस लेने की समस्या हुई।

प्रधानाध्यापक ने दिया इलाज का खर्च:

छात्राओं की तबीतय बिगड़ने के बाद सभी को पास के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद देर शाम सभी को छोड़ दिया गया। छात्राओं के इलाज का खर्च प्राचार्य ने दिया। प्राचार्य ने बताया कि चारों छात्राओं के इलाज में साढ़े 12 हजार रुपये दिया गया।

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