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मुजफ्फरपुर

मार्क्स पर हुआ नामांकन तो जिले के छात्रों को डीयू समेत बाहर के संस्थानों में करनी पड़ेगी मशक्कत

हिन्दुस्तान टीम,मुजफ्फरपुरPublished By: Newswrap
Sun, 01 Aug 2021 03:50 AM
मार्क्स पर हुआ नामांकन तो जिले के छात्रों को डीयू समेत बाहर के संस्थानों में करनी पड़ेगी मशक्कत

मुजफ्फरपुर। वरीय संवाददाता

मार्क्स पर नामांकन हुआ तो जिले के छात्रों को डीयू समेत बाहर के संस्थानों में नामांकन को मशक्कत करनी पड़ेगी। 12वीं बोर्ड के रिजल्ट और जिले में बच्चों के अंक प्रतिशत के आंकड़े बताते हैं कि इस बार अधिकतम अंक लाने वाले बच्चों की संख्या घटी है। पिछली बार जहां 95 फीसदी से अधिक में लगभग 200 बच्चे जिले के आए थे। वहीं, इस बार यह आंकड़ा 50 के अंदर ही रह गया है।

डीयू में इस बार रेगुलर कोर्स में लगभग 65 हजार सीट हैं, जबकि सीबीएसई के 12वीं बोर्ड के रिजल्ट के अनुसार 70 हजार से अधिक छात्रों ने 95 फीसदी से अधिक अंक लाया है। ऐसे में रिक्ति के अनुपात में दोगुनी से अधिक 95 फीसदी से अधिक वाले छात्र होंगे। वहीं, जिले में 95 फीसदी से अधिक अंक लाने वाले छात्रों की संख्या इस बार घटी हुई है। स्कूलों से जारी रिजल्ट के अनुसार 70 फीसदी से नीचे हर स्कूल में 50 से 55 फीसदी बच्चे आए हैं। ऐसे में बेहतर कॉलेज से लेकर जेईई में भी इनका नामांकन फंसेगा। सीबीएसई 12वी बोर्ड के रिजल्ट में इस बार जिले का पास प्रतिशत बेहतर रहा है, लेकिन अंक प्रतिशत घटने से बच्चों को नुकसान होगा।

छह हजार में 10 फीसदी बच्चे भी नहीं आए पाएंगे इस दौड़ में : जिले में 12वीं बोर्ड में लगभग छह हजार बच्चे शामिल हुए थे। इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट स्कूल के सचिव सुमन कुमार, सीबीएसई स्कूल संगठन के सतीश कुमार झा ने बताया कि पूरे देश में 95 फीसदी से अधिक अंक लाने वाले बच्चों की संख्या बढ़ी है, लेकिन बिहार में यह घटी है। ऐसे में डीयू समेत अन्य संस्थान में अगर नामांकन का आधार कट ऑफ मार्क्स बनाया गया तो 10 फीसदी बच्चे भी दौड़ में नहीं आ पाएंगे।

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