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एकेडमिक ही नहीं, बच्चों का संपूर्ण व्यक्तित्व विकास जरूरी

एकेडमिक ही नहीं, बच्चों का संपूर्ण व्यक्तित्व विकास जरूरी

संक्षेप:

मुजफ्फरपुर में हिन्दुस्तान ओलम्पियाड-2025 के तहत आयोजित संवाद में बच्चों के संपूर्ण विकास पर जोर दिया गया। शिक्षकों और अभिभावकों को बच्चों का दोस्त बनने और सोशल मीडिया से दूरी बनाने की सलाह दी गई।...

Fri, 29 Aug 2025 06:51 PMNewswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। आज एकेडमिक ही नहीं, बच्चों का संपूर्ण व्यक्तित्व विकास जरूरी है। एआई, सोशल मीडिया के दौर में बच्चों को इससे बिल्कुल अलग नहीं रखा जा सकता है। ऐसे में इसके सकारात्मक उपयोग के साथ बच्चे खुद इससे कैसे दूर रहें, इसे लेकर उन्हें ज्वॉयफुल लर्निंग से जोड़ने की जरूरत है। बच्चों को ऐसे कार्य से जोड़ा जाए, जिसमें उनकी सकारात्मकता सामने आए। हिन्दुस्तान ओलम्पियाड जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं कुछ इसी तरह से बच्चों को एक नई दिशा देने का मंच बनता है। गुरुवार को हिन्दुस्तान कार्यालय में हिन्दुस्तान ओलम्पियाड-2025 के तहत आयोजित स्कूल संवाद में ये बातें उभरकर आईं।

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संवाद में शहर के स्कूल निदेशक, संचालक, प्राचार्यों ने हिस्सा लिया। इस दौरान नई शिक्षा नीति के साथ ही बच्चों के संपूर्ण विकास में आ रही चुनौतियों को भी साझा किया गया। इसे कैसे दूर किया जा सकता है, इसपर स्कूल प्रबंधन के सुझाव सामने आए। स्कूल निदेशकों, प्राचार्यों ने कहा कि आज के दौर में स्कूल के साथ अभिभावकों व बच्चों का समन्वय जरूरी है। नया कैरिकुलम लागू हो गया है। इसे कक्षा में उपयोगी बनाया जाए। बच्चे इससे जुड़ें, यह कोशिश होनी चाहिए। इससे खुद ही सोशल मीडिया से उनकी कनेक्टिविटी टूटेगी। अलग-अलग गतिविधियों से बच्चों को जोड़ना जरूरी है। अभिभावकों को भी बच्चों के लिए समय निकालना होगा। अभिभावक स्कूल के साथ बच्चों से भी सीधा संवाद करें तो कई सारी समस्याओं का समाधान हो सकता है। प्राचार्यों ने कहा कि बदलते समय में बच्चों की मनोदशा को समझ उन्हें ओलम्पियाड जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं से जोड़ना चाहिए। बच्चों के दोस्त बनें शिक्षक और अभिभावक, उनके भीतर असीम संभावनाएं संवाद में आए शिक्षकों ने कहा कि अभिभावकों के साथ शिक्षकों को भी बच्चों का दोस्त बनना होगा। प्राचार्य अभिभावकों के लिए सुलभ हों और अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजकर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं समझ लें। हर बच्चे के भीतर असीम संभावनाएं हैं। इसे समझते हुए उन्हें रास्ता दिखाएं। वर्तमान में एआई और सोशल मीडिया से हम उन्हें पूरी तरह अलग नहीं कर सकते, लेकिन उससे दूर रखना भी हमें ही सोचना होगा। उन्हें सही गलत हमें मिलकर बताना होगा। बदलते समय में अनुशासन की कमी हर स्तर पर आई है। अभिभावकों को अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए। उनके बीच ऐसी दूरी नहीं हो, जिसका असर बच्चे के भविष्य पर पड़े। निदेशकों-प्राचार्यों ने अभिभावकों से अपील की कि वे खुद भी सोशल मीडिया से दूरी बनाएं और बच्चों को अधिक से अधिक समय दें। कोचिंग, ट्यूशन पर निर्भरता कम से कम रखने की अपील की गई। स्कूल की पढ़ाई और सेल्फ स्टडी बच्चों की बौद्धिकता का विकास करता है। हिन्दुस्तान ओलम्पियाड के लिए पंजीकरण करा सकते बच्चे: हिन्दुस्तान ओलम्पियाड के लिए पंजीकरण शुरू हो गया है। छात्र-छात्राओं में इसको लेकर काफी उत्साह है। स्कूलों के माध्यम से 30 सितम्बर तक वे पंजीकरण करा सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए ओलम्पियाड की वेबसाइट www.hindustanolympiad.in पर जानकारी ले सकते हैं। ओलम्पियाड में एक से 12वीं कक्षा तक के छात्र-छात्राएं हिस्सा ले सकते हैं। छात्र-छात्राओं को मिलेंगे आकर्षक पुरस्कार: हिन्दुस्तान ओलम्पियाड में अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ ही विजेता छात्र-छात्राओं को आकर्षक पुरस्कार जीतने का भी मौका मिलेगा। जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर होनहार छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। जिला स्तर पर भी छात्र-छात्राओं को आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे। कार, स्कूटी और नगद धनराशि जीतने का भी उन्हें मौका मिलेगा।