
चरस जब्ती मामले में स्पीडी ट्रायल का हाईकोर्ट का आदेश
मुजफ्फरपुर में चार साल पहले आधा किलो चरस और लोडेड कट्टा के साथ गिरफ्तार छह आरोपितों के मामले में हाईकोर्ट ने स्पीडी ट्रायल का आदेश दिया है। दो वर्षों से चल रहे सेशन-ट्रायल में गवाहों का पेश नहीं होना...
मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। अहियापुर में चार वर्ष पहले आधा किलो चरस और लोडेड कट्टा के साथ गिरफ्तार छह आरोपितों के मामले को हाईकोर्ट ने स्पीडी ट्रायल से सुनवाई कर छह महीने में निष्पादित करने का आदेश दिया है। दो वर्षों से विशेष कोर्ट (एनडीपीएस एक्ट)-दो में सेशन-ट्रायल चल रहा है। आठ गवाहों में पुलिस अधिकारी व सिपाही शामिल हैं। अब तक कोई गवाह कोर्ट में पेश नहीं हुआ है। हाईकोर्ट ने एसएसपी को अपने स्तर से अहियापुर थानाध्यक्ष और केस के आईओ को गवाहों को पेश करने के लिए निर्देश दिया है। विशेष कोर्ट ने इस संबंध में ट्रायल प्लान बनाकर एसएसपी को भेजा है।

विशेष कोर्ट का 42 दिनों का ट्रायल प्लान : विशेष कोर्ट ने गवाहों को पेश करने के लिए 42 दिनों का ट्रायल प्लान बनाया है। इसके अनुसार 23 सितंबर को मामले के सूचक व तत्कालीन अहियापुर थानाध्यक्ष सुनील कुमार रजक, 26 सितंबर को दारोगा नीतेश कुमार, सात अक्टूबर को हवलदार सत्यदेव सिंह, दस अक्टूबर को सिपाही भृगुनाथ सिंह, 14 अक्टूबर को सिपाही बिरजू दास, 18 अक्टूबर को पीटीसी मनीष कुमार, 31 अक्टूबर को डीएसपी (रक्षित) विपिन नारायण शर्मा व चार नवंबर को आईओ प्रमोद कुमार राय की गवाही होगी। मालूम हो कि अहियापुर थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष सुनील कुमार रजक ने 21 जुलाई 2021 को जमालाबाद गांव के निकट लीची के बगीचे में छापेमारी कर सोनू कुमार, मनोज कुमार उर्फ संजीत, मिथिलेश रजक, विश्वजीत कुमार उर्फ राजा, राहुल कुमार व संतोष कुमार मिश्रा को गिरफ्तार किया था।

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