Hindi NewsBihar NewsMuzaffarpur NewsHigh Court Demands Records in Muzaffarpur Dal Black Marketing Case
दाल कालाबाजारी मामले में हाईकोर्ट ने मांगा रिकॉर्ड

दाल कालाबाजारी मामले में हाईकोर्ट ने मांगा रिकॉर्ड

संक्षेप:

मुजफ्फरपुर में दाल कालाबाजारी मामले में हाईकोर्ट ने केस का रिकॉर्ड मांगा है। आरोपित व्यवसायी ब्रजेश कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने कहा कि नाफेड के निर्देशानुसार दाल बेच रहे थे। ब्रजेश ने केस को निराधार बताते हुए इसे खत्म करने की मांग की है। अगली सुनवाई 19 फरवरी 2026 को होगी।

Jan 28, 2026 05:46 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
share Share
Follow Us on

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। दाल कालाबाजारी मामले में हाईकोर्ट ने केस का रिकॉर्ड तलब किया है। मामले में आरोपित पटना के माल सलामी थाना अंतर्गत दीदारगंज हॉल्ट के समीप के निवासी दाल व्यवसायी ब्रजेश कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस पर सुनवाई के लिए हाइकोर्ट ने न्यायिक दंडाधिकारी के कोर्ट से रिकॉर्ड की प्रति भेजने का आदेश दिया है। व्यवसायी ब्रजेश ने दावा किया गया है कि नाफेड की ओर से उन्हें सस्ते दर पर मोबाइल वैन से पटना, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में दाल बेचने की जिम्मेवारी दी गई थी। नाफेड की ओर से जारी निर्देश के अनुसार ही वह इन तीनों जिलों के लिए उपलब्ध कराए गए दाल को बेच रहे थे।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

नाफेड ने ब्रजेश को मुजफ्फरपुर जिले में सस्ते दर पर बेचने के लिए आठ ट्रक दाल (लगभग 200 टन) सप्लाई की थी। इसमें से 389.69 क्विंटल दाल बिना बिके ही रह गईं। उसे ब्रह्मपुरा स्थित गोदाम में बेचने के लिए रखा गया था। उक्त गोदाम से जब्त की गई 222 बोरियां (प्रत्येक 30 किलो) दालें (करीब 66.60 क्विंटल) नाफेड की नहीं, बल्कि महाकाली इंडस्ट्रीज की थीं। इस तरह दर्ज मामले को निराधार बताते हुए ब्रजेश ने इस केस को खत्म करने की याचना हाईकोर्ट से की गई है। अब मामले में रिकॉर्ड के आधार पर आगे की सुनवाई 19 फरवरी 2026 को होगी। बता दें कि ब्रह्मपुरा थाने की पुलिस ने मुशहरी प्रखंड के तत्कालीन पणन पदाधिकारी कमलेश कुमार की रिपोर्ट के आधार पर 30 नवंबर 2023 को दाल कालाबाजारी को लेकर एफआईआर दर्ज की थी। इस दौरान ब्रह्मपुरा स्थित गोदाम से सैकड़ों पैकेट दाल जब्त की गई थी। आरोप था कि नाफेड की ओर से उपलब्ध कराए गए एक किलो के दाल पैकेट को फारकर बोरे में भरा जा रहा था, ताकि कंपनी की दाल बताकर इसे ऊंचे कीमत पर बेचा जा सके। पुलिस ने ब्रह्मपुरा स्थित गोदाम से छह मजदूरों को भी गिरफ्तार किया था।