सूबे के ग्रामीण क्षेत्रों में 27.1 फीसदी महिलाएं अंडरवेट
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6 की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार के ग्रामीण इलाकों में 27.1 फीसदी महिलाएं कम वजन की शिकार हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हाई बीपी और डायबिटीज के मरीजों की संख्या बढ़ी है। वहीं, वेलनेस सेंटर से ग्रामीण स्वास्थ्य में सुधार हुआ है।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता सूबे के ग्रामीण इलाकों में 27.1 फीसदी महिलाएं कम वजन की शिकार हैं। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6 की रिपोर्ट में यह बात सामने आयी है। केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने सर्वे की रिपोर्ट जारी की है। इससे पहले नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 की रिपोर्ट वर्ष 2020-21 में जारी की गई थी।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं कम वजन की शिकार
रिपोर्ट के मुताबिक बिहर में चार से एक व्यक्ति दुबलेपन का शिकार है। रिपोर्ट बताती है कि जहां ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं अंडर वेट हैं, वहीं शहरी क्षेत्र में 30 फीसदी महिलाएं और 29.9 फीसदी पुरुष मोटापे के शिकार हैं। इसके अलावा बिहार में चार में से एक व्यक्ति का बॉडी मास इंडेक्स मानक से कम है।
हाई बीपी की चपेट में छह में से एक व्यक्ति
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक बिहार में छह में से एक व्यक्ति हाई बीपी का शिकार है। रिपोर्ट के मुताबिक बिहार में 14.1 फीसदी महिलाएं बीपी की शिकार हैं तो 17.8 फीसदी पुरुष हाइपरटेंशन की चपेट में हैं। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक पांच वर्षों में बिहार में बीपी के मरीजों में कमी आई है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 की रिपोर्ट में बिहर में 15.9 फीसदी महिलाएं बीपी और 18.4 फीसदी पुरुष हाई बीपी के शिकार थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि गांव में बीपी की जांच कम हो रही है।
डायबिटीज के मरीजों की संख्या में वृद्धि
बिहार में शुगर के मरीजों की संख्या बढ़ी है। सूबें में 13.1 फीसदी महिलाएं और 17.3 फीसदी पुरुष शुगर की दवा खा रहे हैं। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे -5 की रिपोर्ट के मुताबिक बिहार में 12.7 फीसदी महिलाओं को हाई शुगर था जो पांच साल बाद बढ़कर 13.1 फीसदी हो गई है। पांच वर्ष पहले 16.2 फीसदी पुरुषों में हाई शुगर था जो अब बढ़कर 17.3 फीसदी हो गया है। शहरी क्षेत्र में 18.5 फीसदी पुरुष तो ग्रामीण क्षेत्र में 17.3 फीसदी हाई शुगर के मरीज हैं।
ग्रामीण स्वास्थ्य में सुधार
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6 की रिपोर्ट में कहा गया है कि बिहार में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर से ग्रामीण क्षेत्र लोगों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। वेलनेस सेंटर पर मरीजों के जाने से उनका इलाज हो रहा है। बिहार में 12 हजार वेलेनस सेंटर चलते हैं। मुजफ्फरपुर में 619 वेलेनस सेंटर चल रहे हैं। वेलेनस सेंटर के संचालन की निगरानी स्वास्थ्य विभाग की सहयोगी संस्था जपाइयो कर रही है।
प्रसव बाद डॉक्टरी सलाह
बिहार में 69.9 फीसदी महिलाओं को प्रसव के बाद अगले दो दिन तक डॉक्टरी सलाह मिलती है और एएनएम उन्हें देखने उनके घर जाती हैं। महिलाओं के अलावा बिहार में शत प्रतिशत नवजात को भी जन्म के अगले दो दिन तक डॉक्टरी सलाह नहीं मिलती है। रिपोर्ट के मुताबिक बिहार में 76.2 फीसदी नवजातों को जन्म के अगले दो दिन तक डॉक्टरी सलाह मिलती है।
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