समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज थे डॉ. लोहिया

Newswrap हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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मुजफ्फरपुर के डॉ. राम मनोहर लोहिया स्मारक कॉलेज में राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता प्रो. अनिल कुमार ओझा ने डॉ. लोहिया को स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी विचारक के रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में शिक्षा और सामाजिक समानता पर चर्चा हुई।

समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज थे डॉ. लोहिया

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। डॉ. राम मनोहर लोहिया स्मारक कॉलेज में शुक्रवार को राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा डॉ. राम मनोहर लोहिया : जीवन दर्शन और योगदान विषय पर एक दिवसीय अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता बीआरएबीयू स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार ओझा ने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया भारत के प्रखर स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर समाजवादी विचारक, बेबाक राजनीतिज्ञ और भारतीय राजनीति के उन चुनिंदा नायकों में थे, जिन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज बुलंद की।प्राचार्य प्रो. मनोज कुमार ने कहा कि डॉ. लोहिया ने दलित, महिला, सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग के विकास के साथ-साथ चौखंभा राज्य सिद्धांत पर बल दिया।

महाविद्यालय राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. हरिश्चंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि डॉ. लोहिया समाजवादी विचारधारा के साथ-साथ सामाजिक समानता और न्याय के पक्षधर थे।कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक मुकेश कुमार सरदार तथा धन्यवाद ज्ञापन हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक बैद्यनाथी राम ने किया। कार्यक्रम में प्रो. कुमारी रेखा, प्रो, रंजना कुमारी, प्रो. गीता कुमारी कंध्वे, डॉ. रमेश कुमार विश्वकर्मा, डॉ. शीला कुमारी, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. रंजीत कुमार, डॉ. दिनकर कुमार, डॉ. अनामिका, डॉ. नन्हे कुमार, डॉ. बसंत लाल शर्मा, डॉ. ममता कुमारी, डॉ. संजय कुमार, डॉ. अब्दुल अजीज आदि थे।

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