वर्षों पुरानी पांडुलिपियों का होगा संरक्षण व डिजिटलाइजेशन

Arun Kumar Jha हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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भारत सरकार ने प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण, सूचीकरण और डिजिटलाइजेशन के लिए ज्ञान भारतम् मिशन की शुरुआत की है। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने इस मिशन की समीक्षा की, जो देशभर में पांडुलिपियों को सुरक्षित रखने का राष्ट्रीय अभियान है। विशेष टीम का गठन कर सर्वेक्षण अभियान शुरू किया जाएगा।

वर्षों पुरानी पांडुलिपियों का होगा संरक्षण व डिजिटलाइजेशन

मुजफ्फरपुर,हिप्र। प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को संरक्षित और सुलभ बनाने के लिए पांडुलिपियों के संरक्षण, सूचीकरण और डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया तेज की जाएगी। ज्ञान भारतम् मिशन के तहत भारत सरकार विशेष अभियान चला रही है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गुरुवार को जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने समीक्षा बैठक की।डीएम ने कहा कि यह मिशन केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की हजारों साल पुरानी ज्ञान विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रखने का एक राष्ट्रीय अभियान है। इसका उद्देश्य देशभर में बिखरी हुई प्राचीन पांडुलिपियों का संरक्षण, डिजिटलाइजेशन और अभिलेखीकरण करना है। इस मिशन के तहत कागज, ताड़पत्र, भोजपत्र, कपड़े या अन्य माध्यमों पर लिखी गईं ऐतिहासिक पांडुलिपियों को चिह्नित कर वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित रखा जाएगा।

उन्होंने सभी संबंधित विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, पुस्तकालयों और सांस्कृतिक संगठनों को समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया।जिलाधिकारी ने पांडुलिपियों के सर्वेक्षण और संरक्षण के लिए जिलास्तर पर विशेष टीम का गठन किया है। इस टीम में शिक्षा विभाग, कला एवं संस्कृति विभाग, पुस्तकालयाध्यक्ष, इतिहासकार, संस्कृत शिक्षक, संग्रहालय प्रतिनिधि, एनएसएस स्वयंसेवक और अन्य संबंधित कर्मियों को शामिल किया गया है। विशेष टीम को मिशन मोड में कार्य करने का निर्देश दिया। साथ ही इस विषय में गहरी अभिरुचि रखने वाले व्यक्ति या संस्था जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी के मोबाइल नंबर 709 117 2375 पर संपर्क कर सकते हैं। वे समाहरणालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर आवश्यक जानकारी या पांडुलिपि हस्तगत कर सकते हैं। डीएम ने कहा कि जिले के सभी सरकारी एवं गैरसरकारी संस्थानों, मंदिरों, मठों, पुस्तकालयों, निजी संग्रहकर्ताओं और शैक्षणिक संस्थानों में उपलब्ध पांडुलिपियों की पहचान के लिए व्यापक सर्वेक्षण अभियान चलाया जाए। सरकार ने इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इसकी निगरानी के लिए जिलाधिकारी ने साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्देश उपविकास आयुक्त को दिया। इस मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रखंडवार एक नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया जाएंगे, जो निचले स्तर तक संपर्क एवं समन्वय स्थापित करेंगे।

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