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21 जनवरी, 2021|11:53|IST

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पूंजीपतियों के दबाव में कृषि कानून वापस नहीं ले रही सरकार : डॉ. प्रलयंकर

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केन्द्र सरकार पूंजीपतियों के दबाव में तीनों कृषि कानून वापस नहीं ले रही है। पिछले एक महीने से लाखों किसान दिल्ली के चारों तरफ खुले आसमान के नीचे धरना पर बैठे हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी उनको लगातार गुमराह कर रहे हैं। उनकी मांग की लगातार उपेक्षा हो रही है। ये बातें सोमवार को अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के शहीद खुदीराम बोस स्मारक स्थल जारी अनिश्चितकालीन धरना के 19वें दिन डॉ. बीके प्रलयंकर ने कही। इसकी अध्यक्षता शम्भूशरण ठाकुर ने की।

इस दौरान डॉ. प्रलयंकर ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने खेती में बहुराष्ट्रीय कम्पनियों का प्रवेश आसान बनाने के लिए यह कानून बनाया है। कहा कि सरकार किसानों के जिन फसलों का एमएसपी निर्धारित करती है, उसे खरीद नहीं पाती। उन्होंने 29 दिसम्बर को पटना के गांधी मैदान से राजभवन तक होने वाले मार्च में बड़ी संख्या में किसानों और खेतिहर मजदूरों के शामिल होने का आह्वान किया। मौके पर प्रो. विश्वानंद, अविनाश सांई, वैद्यनाथ पंडित, उमेश पासवान, राम एकबाल सिंह, डॉ. संत सिंह, मो. युनूस एवं राजेश्वर प्रसाद गुप्ता, मो. इदरीस, काशीनाथ सहनी, उमाशंकर सहनी, अर्जुन कुमार, जाहिद आलम, कामेश्वर पंडित, सोनेलाल सहनी, राधेश्याम सिंह थे।

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  • Web Title:Government is not withdrawing agricultural legislation under pressure from capitalists Dr Pralayankar