बेटियों की चाह, हमें भी मिले सुरक्षित आसमान
मुजफ्फरपुर में 13 साल पहले निर्भया कांड के बाद से बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। समाजसेवी वंदना शर्मा की अगुवाई में ग्रामीण लड़कियों ने पताही मैदान में खुला आसमान के नीचे सोकर सुरक्षा की मांग की। उनका संदेश था कि वे बिना डर के पढ़ाई करना चाहती हैं।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। नीचे जमीन पर सोई बेटियां और ऊपर खुला आसमान। ना दिन और ना रात। देर शाम पताही मैदान में सोई इन बेटियों की मांग थी कि हमें भी इसी तरीके से सुरक्षित जमीन और आसमान मिले, जहां हम बेखौफ होकर पढ़ाई-लिखाई और अपने काम कर सकें। मंगलवार को निर्भया कांड के 13 साल पूरे होने पर समाजसेवी और बाल संरक्षण की पूर्व सदस्य वंदना शर्मा के नेतृत्व में बेटियों ने अभियान चलाया। बेटियों ने कहा कि हमने शाम का समय इसलिए चुना कि दिन ही नहीं शाम या रात में भी जब हम घर से बाहर निकलें तो हमें सुरक्षा को लेकर कोई भय ना हो।
पताही मैदान में ग्रामीण बेटियों का यह अभियान सुरक्षा की मांग को लेकर था। निर्भया कांड के 13 साल पूरा होने के बाद भी बेटियों के सामने यह दु:स्वप्न है कि सुरक्षा की मांग कैसे पूरी होगी। पताही मैदान में मादापुर, खरौना समेत अलग-अलग गांवों से मैट्रिक और इंटर में पढ़ने वाली लड़कियां पहुंची थीं, जिन्होंने शाम को इस मैदान में सोकर अपना यह अनोखा अभियान चलाया। पूजा, संगीता, रूपा समेत अन्य लड़कियों ने कहा कि हमलोग मैट्रिक व इंटर में पढ़ाई कर रहे हैं। गांव से शहर पढ़ने के लिए आते हैं। अगर शाम हो जाए तो सबसे पहले डर सुरक्षा को लेकर ही रहता है। ऐसे में हमने 16 दिसंबर का यह दिन अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर अभियान चलाने के लिए चुना है। लड़कियों ने कहा कि खुले आसमान के नीचे जमीन पर सोने का हमारा मकसद यही है कि हम बेटियां इसी तरीके से सुरक्षित माहौल चाहते हैं, जहां बंद दीवारों के बीच नहीं बल्कि खुले आसमान के नीचे हम पंख फैलाकर उड़ सकें।

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