DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सही जीवनशैली-खानपान अपनाएं, बीपी को कहें बाय

सही जीवनशैली-खानपान अपनाएं, बीपी को कहें बाय

खराब जीवनशैली व फास्ट-फूड का सेवन से बीपी के मरीज लगातार बढ़ हो रही है। इसको रोकने को स्वास्थ्य विभाग जागरूकता पर विशेष पहल करेगा। विशेषज्ञों की राय है कि बीपी वैसी बीमारी नहीं है जो ठीक नहीं हो सकती है।

जिला नन कम्युनिकेबल डिजीज सेल की रिपोर्ट के अनुसार, सदर अस्पताल, एसकेएमसीएच व निजी अस्पतालों में हर रोज 40 गंभीर बीपी के मरीज मिल रहे है। इनमें युवाओं की संख्या अधिक होना खतरे का संकेत है।

इस पर उत्तर बिहार में काम करने वाली हृदयम् फाउंडेशन संस्था 19 मई से जिले में जागरूकता अभियान चलाएगी। संस्था के भारत प्रमुख डॉ. बीबी ठाकुर ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि प्रांरभ में इस बीमारी के लक्षणों को 90 फीसदी पीड़ित लोग नहीं समझ पाते हैं। पहले यह बीमारी बुजुर्ग अवस्था में होती थी। लेकिन, अब इसकी चपेट में युवा आ रहे हैं। युवा खेलने की आदत छोड़ चुके हैं। टीवी, कम्प्यूटर व मोबाइल पर अधिक समय दे रहे हैं। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 25 वर्ष के तीन में से एक में उच्च रक्तचाप पाया जाता है। इसमें 45% इलाज करा रहे हैं।

यह है बीमारी का थीम: डब्ल्यूएचओ पिछले छह साल से 17 मई को इस दिवस को नो योर ब्लड प्रेशर के रूप में मना रहा है। इस वर्ष थीम यह है कि हमें दुनिया भर में सभी मनुष्यों के बीच उच्च रक्तचाप के प्रति जागरूकता के लक्ष्य के साथ अपने रक्तचाप की जानकारी रखनी है। साथ ही जनता को शराब, धूम्रपान, तैलीय, वसायुक्त व मसालेदार आहार से बचने को प्रोत्साहित करना है।

अलर्ट और सजग रहें तो नहीं होगी बीपी

कम नमक का सेवन करें, शराब बिल्कुल नहीं पीएं तंबाकू का सेवन नहीं करें, सिगरेट बिल्कुल नहीं पीएं ताजा फल, हरी सब्जियां, सालाद की मात्रा भोजन में बढ़ाएं ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें जिनमें पोटैशियम ज्यादा हो केला, पालक, लहसुन, ओटमील, चुकंदर, दही, शकरकंद, कीवी, तरबूज, आम, स्ट्रॉबेरी एवं मखाने का सेवन रक्तचाप में लाभकारी है। नियमित व्यायाम करें, हर रोज एक घंटे तेज पैदल चलें बाइक, कार केवल अनिवार्य होने पर ही प्रयोग करें स्मार्ट फोन व टीवी कम देंखे बीपी मरीज सुबह में योग करें

यह रक्तचाप का पैरामीटर

डॉ. ठाकुर के अनुसार, बीपी सामान्य लोगों में 130/85 से कम एवं बुजर्गों में 140/90 से कम रहना चाहिए। मधुमेह, हृदय व किडनी के मरीजों में रक्तचाप 130/80 से कम रहना चाहिये। रक्तचाप जब 140/90 या ऊपर होता है तब यह बीपी बीमारी होती है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Get the right lifestyle-catering ask BP bye